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पढ़िए क्या होते हैं 16 श्रृंगार, जिन्हें नवरात्रि में महिलाओं का करना होता है जरूरी
फैशन डेस्क, अमर उजाला
Updated Mon, 30 Sep 2019 06:01 PM IST
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navratri
नवरात्रि में मां दुर्गा की विशेष पूजा होती है। इन 9 दिन मां का हर भक्त उनकी भक्ति कर उन्हें खुश करने की कोशिश करता है। नवरात्रि में मां दुर्गा का सोलह श्रृंगार का भी बहुत महत्व है। आपने अक्सर घर की बड़ी बुर्जुग महिलाओं, बहुओं और लड़कियों को व्रत, त्योहार पर श्रृंगार करने की सलाह देते हुए सुना होगा। पर क्या आप जानते हैं ऐसा क्यों कहा जाता है।
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बिंदी
कुमकुम या बिंदी को माथे पर लगाना पवित्र माना जाता है। सुहागिन स्त्रियों को कुमकुम या सिंदूर से अपने ललाट पर लाल बिंदी लगानी चाहिए। वैसे अब स्टीकर बिंदी का चलन है तो आप चाहें तो इसे भी लगा सकती हैं।
कुमकुम या बिंदी को माथे पर लगाना पवित्र माना जाता है। सुहागिन स्त्रियों को कुमकुम या सिंदूर से अपने ललाट पर लाल बिंदी लगानी चाहिए। वैसे अब स्टीकर बिंदी का चलन है तो आप चाहें तो इसे भी लगा सकती हैं।
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sindoor
सिंदूर
सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सिंदूर लगाने से पति की आयु में वृद्धि होती है।
सिंदूर को सुहाग का प्रतीक माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि सिंदूर लगाने से पति की आयु में वृद्धि होती है।
Kajal
काजल
चेहरे की सबसे खूबसूरत चीज और मन का आइना होती हैं आपकी आंखें। जिनका श्रृंगार होता है काजल। इसे महिलाएं अपनी आंखों की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाती हैं। इसके अलावा काजल बुरी नजर से भी बचाए रखता है।
चेहरे की सबसे खूबसूरत चीज और मन का आइना होती हैं आपकी आंखें। जिनका श्रृंगार होता है काजल। इसे महिलाएं अपनी आंखों की सुंदरता बढ़ाने के लिए लगाती हैं। इसके अलावा काजल बुरी नजर से भी बचाए रखता है।
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मेहंदी
मेहंदी के बिना हर सुहागन का श्रृंगार अधूरा माना जाता है। किसी भी शुभ कार्यक्रम के दौरान महिलाएं हाथों और पैरों मे मेहंदी रचाती हैं। ऐसा माना जाता है कि नववधू के हाथों में मेहंदी जितनी गाढ़ी रचती है, उसका पति उसे उतना ही अधिक प्रेम करता है।
मेहंदी के बिना हर सुहागन का श्रृंगार अधूरा माना जाता है। किसी भी शुभ कार्यक्रम के दौरान महिलाएं हाथों और पैरों मे मेहंदी रचाती हैं। ऐसा माना जाता है कि नववधू के हाथों में मेहंदी जितनी गाढ़ी रचती है, उसका पति उसे उतना ही अधिक प्रेम करता है।
