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बदलते मौसम में हो जाइए सावधान, इन वजहों से हो सकते हैं बीमार

Thu, 19 Nov 2020 08:51 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 19 Nov 2020 08:51 AM IST
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changing weather due to Many kinds of germs produced
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : pixabay

दीपावली के बाद मौसम में बदलाव का आगाज हो गया है। ऐसे में दिनचर्या और खानपान में जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। मौसम के बदलते प्रभाव से वातावरण में कई तरह के कीटाणु पैदा होते हैं। नमी की वजह से यह कीटाणु अधिक ऊंचाई पर न जाकर सीधे शरीर को संक्रमित करते हैं। ऐसे में इन खतरनाक कीटाणुओं से बचने के लिए सावधानी बेहद जरूरी है।



 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना महामारी में बुजुर्ग और बच्चे खास ख्याल रखें। इस मौसम में ज्यादातर लोग वायरल का शिकार होते हैं। लेकिन कोरोना की वजह से अगर किसी को बुखार होता है या फिर सर्दी जुकाम की समस्या होती है तो तत्काल डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराएं। हल्की सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।  

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

खानपान में बेहतर तालमेल जरूरी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ राजेश कुमार ने बताया कि सर्दियों में लोग गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन कसरत पर ध्यान बेहद कम देते हैं। खानपान के साथ कसरत में तालमेल बेहद जरूरी है। ऐसे मरीजों की संख्या भी इस बीच बढ़ी है। ऐसे लोगों को सलाह दी जा रही है कि सुबह-शाम का तापमान कम होने से ठंड से बचें। योग, साइकिलिंग और दौड़ें। 15 मिनट का व्यायाम शरीर को चुस्त रखेगा। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सतकर्ता बरतने की जरूरत भी है।

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

साबुन का इस्तेमाल कम करें
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चर्म रोग विभागाध्यक्ष डॉ संतोष कुमार सिंह का कहना है कि सर्दियों में शरीर में खुश्की, बढ़ जाती है। एड़िया फटना, सोरयासिस (शरीर पर सफेद छिलके निकलना) आदि बीमारियां होने लगती है। इसलिए शरीर में नमी बने रहना जरूरी है। ऐसे में शरीर में तेल लगाएं। हफ्ते में दो या तीन दिन ही साबुन का इस्तेमाल करें। रूसी से बचने के लिए नियमित शैंपू का इस्तेमाल कर सकते हैं।

 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

इन बीमारियों का रहता है डर
अस्थमा और सांस संबंधी रोग, नाक से पानी बहना, सिर भारी होना, आंखों के आगे अंधेरा, जकड़न, काम करने की इच्छा न होना, बेहोशी, जुकाम, बुखार, बच्चों के शरीर में दाने होना जैसी समस्याएं हो सकती है। डॉ राजेश कुमार ने बताया कि अस्थमा और श्वास रोगियों को ठंड से बचना चाहिए। इस मौसम में लोगों को उबाल कर पानी पीना चाहिए। संतुलित भोजन लें।

 

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