{"_id":"5fb367598ebc3e9b7638bcb4","slug":"danger-of-second-wave-of-corona-attack-in-gorakhpur-due-to-increasing-infection-in-delhi-mumbai","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"दिल्ली-मुंबई में बढ़ रहे संक्रमण से यहां मंडरा रहा कोरोना की दूसरी लहर का खतरा, आईसीएमआर ने किया आगाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली-मुंबई में बढ़ रहे संक्रमण से यहां मंडरा रहा कोरोना की दूसरी लहर का खतरा, आईसीएमआर ने किया आगाह
Tue, 17 Nov 2020 12:57 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 17 Nov 2020 12:57 PM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
छठ के बाद कोरोना की दूसरी लहर की आशंका को देखते हुए उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। नए सिरे से कोविड अस्पतालों को तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें निजी और सरकारी अस्पतालों को शामिल किया गया है। आईसीएमआर ने आगाह करते हुए अधिक से अधिक जांच की बात कही है। विभाग ने भी दिल्ली और मुंबई से आने वाले लोगों की जांच का फैसला लिया है।
कोराना वायरस।
- फोटो : अमर उजाला।
जानकारी के मुताबिक, फिलहाल जिले में कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम है। लेकिन विश्व के कई देशों में कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए भारत में भी ऐसी आशंका जताई जा रही है। मुंबई और दिल्ली में इसके संकेत भी मिलने शुरू हो गए हैं। इसे लेकर विभाग अब कोई चूक नहीं करना चाह रहा है। यही वजह है कि सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिए हैं कि जिन मरीजों को भर्ती किया जाए, उनकी कोरोना जांच जरूर कराई जाए। नए सिरे से कोविड अस्पतालों को तैयार करते हुए बेड अलग से रखे जाएं।
गोरखपुर रेलवे स्टेशन।
- फोटो : अमर उजाला।
दिल्ली और मुंबई से आने वालों की जांच जरूरी
दिल्ली और मुंबई में केस बढ़ने के बाद वहां से आने वाले लोगों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने आशंका जताई है कि छठ पर्व में दिल्ली और मुंबई से सबसे अधिक लोग गोरखपुर सहित आसपास के जिलों में आते हैं। ऐसे में उनकी जांच कराना बेहद जरूरी है।
दिल्ली और मुंबई में केस बढ़ने के बाद वहां से आने वाले लोगों की जांच के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने आशंका जताई है कि छठ पर्व में दिल्ली और मुंबई से सबसे अधिक लोग गोरखपुर सहित आसपास के जिलों में आते हैं। ऐसे में उनकी जांच कराना बेहद जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज।
- फोटो : अमर उजाला।
बीआरडी में पर्याप्त संख्या में बेड खाली :डॉ. गणेश
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त संख्या में बेड खाली हैं। 200 बेड के अलावा 300 बेड के अलग वार्ड में भी कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर भी हैं। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि 100 बेड के टीबी अस्पताल में भी बेड खाली हैं। यहां पर 15 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा है। इसके अलावा पनेशिया, फातिमा, आर्यन में भी बेड की पर्याप्त संख्या है।
प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि बीआरडी मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त संख्या में बेड खाली हैं। 200 बेड के अलावा 300 बेड के अलग वार्ड में भी कोरोना के मरीजों का इलाज किया जा रहा है। पर्याप्त संख्या में वेंटिलेटर भी हैं। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि 100 बेड के टीबी अस्पताल में भी बेड खाली हैं। यहां पर 15 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा है। इसके अलावा पनेशिया, फातिमा, आर्यन में भी बेड की पर्याप्त संख्या है।
विज्ञापन
Covid 19
- फोटो : PTI
जब तक वैक्सीन नहीं, तब तक मास्क ही सबसे बड़ी दवा :डॉ. रजनीकांत
आईसीएमआर के प्लानिंग कोर्डिनेटर डॉ. रजनीकांत ने बताया कि जांच पर अधिक जोर दिया जा रहा है। जैसे-जैसे जांच बढ़ेगी, वैसे-वैसे संक्रमण की रफ्तार कम होती जाएगी। बताया कि दूसरे लहर को देखते हुए लोगों को आगाह किया गया है। जब तक वैक्सीन नहीं, तब तक मास्क ही सबसे बड़ी दवा है। त्योहार को देखते हुए विशेष जांच के निर्देश भी दिए गए हैं जिससे की संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।
आईसीएमआर के प्लानिंग कोर्डिनेटर डॉ. रजनीकांत ने बताया कि जांच पर अधिक जोर दिया जा रहा है। जैसे-जैसे जांच बढ़ेगी, वैसे-वैसे संक्रमण की रफ्तार कम होती जाएगी। बताया कि दूसरे लहर को देखते हुए लोगों को आगाह किया गया है। जब तक वैक्सीन नहीं, तब तक मास्क ही सबसे बड़ी दवा है। त्योहार को देखते हुए विशेष जांच के निर्देश भी दिए गए हैं जिससे की संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सके।