गोरखपुर जिले में कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। स्वास्थ्य महकमे के आंकड़ों पर निगाह डालें तो गोरखपुर-बस्ती मंडल में अब तक 2536 कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। इसमें से 63 की मौत हुई है। कोरोना पॉजिटिव व मौत के मामले में दोनों मंडलों में गोरखपुर पहले पायदान पर है। शुरूआती संक्रमण वाले जिले गोरखपुर से पीछे हो गए हैं।
इस लापरवाही से गोरखपुर में बढ़े कोरोना के मरीज, अब दो मंडलों में पहले पायदान पर
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कोरोना वायरस का संक्रमण शुरूआत में फैला तो गोरखपुर अछूता था। दूसरे चरण के लॉकडाउन तक एक भी कोरोना पॉजिटिव नहीं मिले थे। इस अवधि में बस्ती और संतकबीरनगर में कई मरीज मिले थे। तीसरे चरण के लॉकडाउन के दौरान नई दिल्ली से लौटा एक व्यक्ति गोरखपुर में पॉजिटिव मिला, फिर संक्रमण का सिलसिला बढ़ने लगा। अनलॉक-1 और 2 के बाद से संक्रमण की रफ्तार दोगुनी हो गई। अब गोरखपुर में कोरोना संक्रमितों की संख्या 632 हो गई है। इसमें से 17 की मौत हो चुकी।
शुरूआती संक्रमण के मामले में बस्ती और संतकबीरनगर आगे थे, लेकिन अब गोरखपुर ने सबको पीछे छोड़ दिया है। बस्ती में कोरोना के 405 मामले सामने आए हैं और 16 की मौत हुई है। देवरिया में 375 मरीज मिले हैं। इसमें से चार की मौत हुई है। संतकबीरनगर में 336 केस मिले और 7 की मौत हुई। सिद्धार्थनगर में 297 केस मिल चुके हैं। 10 की मौत हुई है। महराजगंज में 270 मरीज मिले और तीन की मौत हुई। कुशीनगर में 221 मरीज मिले हैं। अब तक छह की मौत हुई है।
व्यापार की चिंता, जान की नहीं
गोरखपुर के तमाम ऐसे व्यापारी हैं, जो कोरोना के निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं। न मास्क लगा रहे और न ही सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर रहे हैं। बलदेव प्लाजा के मोबाइल मार्केट में किसी नियम का पालन नहीं किया जा रहा है। लापरवाही की वजह से साहबगंज किराना मंडी के कुछ व्यापारी संक्रमित हो गए हैं। सहारा इस्टेट परिसर स्थित कांप्लेक्स के दुकानदार भी मास्क नहीं लगाते हैं।
लापरवाही से बढ़े मरीज
अनलॉक-1 और 2 में शहरी, ग्रामीण क्षेत्र में जबरदस्त लापरवाही हुई है। बिना मास्क लगाए ही घर से बाहर निकलने वालों की संख्या ज्यादा है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी नहीं किया जा रहा है। जगह-जगह एक साथ खड़े होकर लोग बात करते देखे जा सकते हैं। पढ़े-लिखे लोग भी भीड़ जुटाने व सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां उड़ाने से बाज नहीं आ रहे हैं।