कानपुर में दुर्दांत अपराधी विकास दुबे के साथ ही यूपी के बहराइच में गोरखपुर के 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश पन्ना यादव को शुक्रवार को एनकाउंटर में मारे जाने के बाद उसकी पूरी कुंडली तैयार की जा रही है। गोरखपुर के अलावा महराजगंज में भी पन्ना यादव के खिलाफ लूट समेत कई अन्य मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। यहां पर उसने गिरोह बनाया था, जिसके सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है।
विकास दुबे के साथ ही गोरखपुर के इस बदमाश का भी हुआ था काम तमाम, अब उसके साथियों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
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बता दें कि पुलिस जिले के गुलरिहा के मंगलपुर गांव निवासी पन्नेलाल यादव उर्फ पन्ना के साथियों की तलाश भी शुरू कर दी गई है। उधर, गुलरिहा इलाके में विपिन सिंह के एनकाउंटर के बाद से ही उसका आका राकेश यादव और अन्य साथी फरार हैं, जिसकी तलाश एक बार फिर तेज कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक, मंगलपुर गांव के बहुडिहवा टोला निवासी पन्नेलाल यादव ने 1992 में दुष्कर्म की घटना से अपराध की शुरुआत की थी। इस घटना में उस पर पहला मुकदमा दर्ज हुआ था।
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पन्ना यादव के पिता सोमई की मौत के बाद मां ने दूसरी शादी कर ली थी और बड़ा भाई साधु हो गया था। उसकी मौत के बाद से वह गोरखपुर आना जाना ही छोड़ दिया था। वह बहराइच में ही विधवा महिला के साथ रहता था। उसके एनकाउंटर के बाद से ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश तेज कर दी गई है। खबर है कि उसके साथी अब भी अपराध में लिप्त हैं और उनका गोरखपुर व आसपास के जिलों में ठिकाना भी है।
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पूर्व प्रधान से मांगी थी दस लाख की रंगदारी
पन्ना यादव ने पूर्व प्रधान गुड्डू सिंह से दस लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। लॉकडाउन के दौरान इस मामले में तिवारीपुर थाने में केस दर्ज हुआ था। इस घटना में उसके साथ कोई और भी था या नहीं इसकी जांच तेज कर दी गई है। खलीलाबाद के बकहा गांव के मूल निवासी गुड्डू सिंह सूर्य विहार कॉलोनी में रहते हैं।
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विपिन के साथी अब भी पकड़ से दूर
एक महीने पहले 10 जून की रात विपिन सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया था। तब माफिया राकेश यादव और अन्य कई का नाम सामने आया था लेकिन पुलिस इस मामले में अभी तक कुछ खास नहीं कर सकी है। राकेश यादव भी पुलिस को चकमा देकर भागने में सफल रहा। उसकी तलाश में अब भी पुलिस है।
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