उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में 15 वर्ष की उम्र पार करने के बाद भी बिना नवीनीकरण के सड़कों पर विभिन्न प्रकार के 102547 वाहन फर्राटा भर रहे हैं। परिवहन नियमों के तहत इनका संचालन अवैध है। आरटीओ के प्रवर्तन अधिकारी ऐसे वाहनों के लिए जल्द विशेष चेकिंग शुरू करने वाले हैं। पकड़े जाने पर वाहन के खिलाफ चालान व बंद की कार्रवाई की जाएगी।
यहां सड़क पर नहीं दौड़ सकेंगे 15 साल पुराने वाहन, पकड़े जाने पर मिलेगी ये सजा
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आरटीओ की ओर से किसी भी गाड़ी का पंजीयन 15 वर्ष के लिए होता है। इसके बाद वाहन स्वामी के मुताबिक अगले पांच वर्ष के लिए संबंधित गाड़ी के पंजीयन का नवीनीकरण कराया जा सकता है। बिना नवीनीकरण के यदि गाड़ी का संचालन किया जा रहा है तो यह नियमों के विरुद्ध है।
एआरटीओ (प्रशासन) श्यामलाल के मुताबिक कार्यालय के रिकार्ड में जिलेभर में 79618 दो पहिया, 14726 मोटर कार एवं 8203 ट्रैक्टर के पंजीयन की समय-सीमा (15 वर्ष) खत्म हो चुकी है। बावजूद इसके इन वाहनों के पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया जा रहा है।
श्यामलाल ने बताया कि वाहन स्वामियों को हिदायत दी है कि यदि वाहन चलने योग्य नहीं हैं तो उसका पंजीयन निरस्त करा लें और यदि वाहन का संचालन किया जाना है तो उसका नवीनीकरण जल्द से जल्द करा लें। विशेष चेकिंग अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की धरपकड़ की जाएगी। पकड़े जाने पर संबंधित वाहन के खिलाफ चालान व बंद की कार्रवाई होगी।
9500 वाहनों से वसूलेंगे 13 करोड़ का बकाया
परिवहन विभाग में जिले के 9500 वाहनों (ट्रक, बस, जीप, टैक्सी और आटो आदि) का 13 करोड़ बकाया है। वाहन स्वामी विभाग के नोटिस का भी संज्ञान नहीं ले रहे। शासन के दिशा-निर्देश पर विभाग ने बकाया वाले वाहनों के खिलाफ सख्ती बढ़ा दी है। 31 अगस्त तक सघन वसूली अभियान चलाया जाएगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्याम लाल के अनुसार निर्धारित अवधि में बकाया धनराशि जमा नहीं करने पर वसूली की जिम्मेदारी भू-राजस्व को दे दी जाएगी।