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UP: दरवाजा लॉक न पिस्टल की मैगजीन से बुलेट निकाली, खुदकुशी या फिर हादसा?; अंबरीश की मौत में कई सवाल अनसुलझे
रोहित सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: Sharukh Khan
Updated Sat, 25 Apr 2026 03:31 PM IST
सार
गोरखपुर शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी अंबरीश श्रीवास्तव की मौत के बाद से परिवार के साथ ही तमाम घरों में मातम है। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव शाम चार बजे आवास पर लाया गया तो वहां मौजूद परिवार के लोगों में चीख-पुकार मच गई।
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मृतक के अंबरीश की फाइल फोटो
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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गोरखपुर शहर के प्रतिष्ठित कारोबारी अंबरीश श्रीवास्तव की मौत के बाद पहले सुसाइड और फिर पिस्टल साफ करने के दौरान गोली लगने की बात कही गई। हालांकि फॉरेंसिक टीम और पुलिस टीम कई उलझे सवालों को जवाब तलाशने में जुटी है। घटना के दौरान की परिस्थितियां कई तरह के सवाल उठा रही हैं। लंबे समय से पिस्टल रखते आ रहे अंबरीश क्या मैगजीन से बिना बुलेट निकाले पिस्टल साफ कर रहे थे और घटना के बाद दरवाजा भी खुला मिला। ये दोनों सवाल जांच टीम को परेशान कर रहे हैं।
घर के बाहर जुटी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मौके पर पहुंची पुलिस ने देखा कि अंबरीश के मुंह में गोली लगी हुई थी और पिस्टल दाएं हाथ की तरफ गिरी हुई थी। जांच में पता चला कि, अंबरीश दाहिने हाथ से ही अपना सारा काम करते थे। फॉरेंसिक टीम के मुताबिक अगर कोई फायरिंग करता है तो उसकी हथेली में गन पाउडर चिपक जाता है। बंदूक की नली और अन्य हिस्सों से निकलने वाली गर्म गैस और धुआं और गन पाउडर के कण गोली चलाने वाले के हाथों, बांहों और कपड़ों पर जमा हो जाते हैं। इससे बताया जा सकता है कि फायरिंग किसने की। फॉरेंसिक टीम ने दोनों हाथों से गन पाउडर का सैंपल लिया है। क्योंकि किसी भी सूरत में अगर अंबरीश के हाथ से फायरिंग हुई तो गन पाउडर के कण जरूर मिलेंगे।
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एक सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर गोली चलने के दौरान दरवाजा खुला हुआ था तो किसी ने फायर होने पर आवाज क्यों नहीं सुनी? अंबरीश किस हाथ से अपने काम करते थे, इसकी भी जांच की जाएगी, इससे पिस्टल रखने, गोली लगने और फायरिंग के बाद मौके पर मिली पिस्टल से परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
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घर पर जुटी भीड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
कितनी दूर से चली गोली इसकी भी हो रही जांच
फॉरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक बंदूक से निकली गोली दो घाव बनाती है। पहला एंट्री और दूसरा एक्जिट का। ऐसे में गोली चली तो शरीर के बाहर निकली या नहीं यह देखा जाता है। सूत्रों के मुताबिक अंबरीश को लगी गोली बाहर निकल गई थी। ऐसे में फोर्स और रेंज की भी जांच जांच की जा रही है कि कितनी दूरी से फायरिंग पर गोली आसानी से मुंह में लगने के बाद बाहर निकल सकती है? अगर गोली निकली भी तो शरीर से कितनी दूरी पर कारतूस मिला।
फॉरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक बंदूक से निकली गोली दो घाव बनाती है। पहला एंट्री और दूसरा एक्जिट का। ऐसे में गोली चली तो शरीर के बाहर निकली या नहीं यह देखा जाता है। सूत्रों के मुताबिक अंबरीश को लगी गोली बाहर निकल गई थी। ऐसे में फोर्स और रेंज की भी जांच जांच की जा रही है कि कितनी दूरी से फायरिंग पर गोली आसानी से मुंह में लगने के बाद बाहर निकल सकती है? अगर गोली निकली भी तो शरीर से कितनी दूरी पर कारतूस मिला।
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घटनास्थल पर जुटे शुभचिंतक और एसएसपी मौके पर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पिस्टल की सफाई में मुंह में गोली लगने पर भी सवाल
फॉरेंसिक विशेषज्ञ और अंबरीश को जानने वाले पिस्टल साफ करने के दौरान गोली लगने की बात से सहमत नहीं हो पा रहे हैं। उनका कहना है कि लाइसेंस बहुत पुराना था। ऐसे में अंबरीश पहले भी पिस्टल साफ करते रहे होंगे। पहले से अनुभव होने के बाद भी किसी नौसिखिए की तरह मैगजीन खाली किए वह क्यों पिस्टल साफ करेंगे। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक अमूमन खुदकुशी के समय लोग दरवाजा बंद रखते हैं जबकि अंबरीश की मौत के बाद दरवाजा खुला हुआ था, इसे भी ध्यान में रखकर पुलिस टीम जांच कर रही है।
फॉरेंसिक विशेषज्ञ और अंबरीश को जानने वाले पिस्टल साफ करने के दौरान गोली लगने की बात से सहमत नहीं हो पा रहे हैं। उनका कहना है कि लाइसेंस बहुत पुराना था। ऐसे में अंबरीश पहले भी पिस्टल साफ करते रहे होंगे। पहले से अनुभव होने के बाद भी किसी नौसिखिए की तरह मैगजीन खाली किए वह क्यों पिस्टल साफ करेंगे। फॉरेंसिक विशेषज्ञों के मुताबिक अमूमन खुदकुशी के समय लोग दरवाजा बंद रखते हैं जबकि अंबरीश की मौत के बाद दरवाजा खुला हुआ था, इसे भी ध्यान में रखकर पुलिस टीम जांच कर रही है।