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जानिए कोरोना मरीजों को किन चरणों में है सबसे अधिक खतरा, आईसीएमआर ने जारी की गाइडलाइन

Sun, 06 Sep 2020 09:22 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 06 Sep 2020 09:22 AM IST
सार

  • कोरोना मरीजों के लिए आईसीएमआर ने जारी की गाइडलाइन
  • 92 फीसदी से कम हो ऑक्सीजन तो तुरंत हो जाएं भर्ती

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ICMR issued guidelines for Corona patients in Brd medical college gorakhpur
फाइल फोटो। - फोटो : पीटीआई

कोरोना संक्रमित मरीज के खून में ऑक्सीजन का लेवल लगातार चेक करते रहना चाहिए। अगर यह 92 प्रतिशत से नीचे जाता है तो मरीज को तुरंत ऑक्सीजन देने की जरूरत होती है। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के चेस्ट विभाग के एचओडी डॉ. अश्वनी मिश्रा ने बताया कि ऐसा न हो पाने की दशा में खून में थक्के जमने की आशंका रहती है, जिससे मरीज की तुरंत मौत हो सकती है। ऐसे में मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल में भर्ती कराएं। आईसीएमआर ने गाइडलाइन जारी कर कोरोना मरीजों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

ICMR issued guidelines for Corona patients in Brd medical college gorakhpur
फाइल फोटो - फोटो : PTI

आईसीएमआर के प्लानिंग कोआर्डिनेटर डॉ. रजनीकांत ने बताया कि अगर लोग जागरूक हो जाएं तो काफी हद तक कोरोना पर अंकुश लगाया जा सकता है। जब तक वैक्सीन या दवाएं नहीं आ जातीं, तब तक लोगों को विशेष एहतियात बरतनी होंगी। इस संबंध में जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद भी लोग लापरवाही कर रहे हैं। इसका नतीजा है कि गोरखपुर और बस्ती मंडल में केस बढ़ते जा रहे हैं। ऐसी स्थिति में लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। सार्वजनिक यात्रा से बचें। फेस मास्क को ठीक से लगाएं। अंगूठी, घड़ी न पहनें, इससे वायरस को छिपने की जगह मिल सकती है।

ICMR issued guidelines for Corona patients in Brd medical college gorakhpur
फाइल फोटो - फोटो : PTI

तीन चरणों में हो रहा संक्रमण
1. नाक में कोरोना वायरस प्रवेश करता है तो रिकवरी का समय आधा दिन होता है। इसमें आमतौर पर हल्का बुखार होता है। साथ ही जुकाम के लक्षण आते हैं। इसे अलाक्षणिक कहते हैं। इससे बचाव के लिए डॉक्टर की सलाह पर भाप लें और विटामिन सी का सेवन कर सकते हैं।

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ICMR issued guidelines for Corona patients in Brd medical college gorakhpur
फाइल फोटो। - फोटो : पीटीआई

2. गले में खराश, रिकवरी का समय एक दिन का होता है। इसकी वजह से गले में दर्द और जकड़न होती है। डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि गर्म पानी का गरारा करें। अगर बुखार हो तो नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र पर सलाह के अनुसार दवा लें। घरेलू उपचार में गर्म पानी का सेवन कर सकते हैं।

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ICMR issued guidelines for Corona patients in Brd medical college gorakhpur
फाइल फोटो - फोटो : PTI

3. फेफड़े में खांसी, चार से पांच दिन तक खांसी और सांस फूलना। डॉ. राजेश ने बताया कि ऐसी स्थिति में तत्काल डॉक्टर से सलाह लें। ऑक्सीमीटर से ऑक्सीजन लेवल नापें। अगर 92 फीसदी से कम ऑक्सीजन का स्तर होता है, तो तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। घरेलू उपचार में गर्म पानी का गरारा, गर्म पानी का सेवन, विटामिन सी, बी कांपलेक्स और गुनगुने पानी के साथ नींबू का सेवन कर सकते हैं।

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