इस सप्ताह गोरखपुर में मानसून के दस्तक देने की संभावना है। इसके बावजूद शहर के कई इलाकों में नाला निर्माण का कार्य जारी है। वहीं, मेडिकल कॉलेज रोड के दोनों तरफ की कॉलोनियों में जलभराव को दूर करने के उपाय नहीं किए जाने से पार्षद काफी आशंकित हैं।
Gorakhpur Weather Update: मानसून सिर पर, गोरखपुर शहर में अब भी जारी है नाले-नालियों का निर्माण
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शक्ति नगर के पार्षद आलोक सिंह विशेन ने कहा कि जिस तरह से मेडिकल कॉलेज रोड पर पिछली बारिश में जलभराव हुआ था, लेकिन इस बार अब तक नालों का निर्माण जारी है। शक्तिनगर में बन रहा आरसीसी नाला 90 प्रतिशत ही निर्माण हो सका है। शक्तिनगर वार्ड में आदित्यपुरी दुर्गा मंदिर जीडीए बना रहा है। नाले की लंबाई घटा दी गई है। इसके बावजूद अब तक मात्र 50 प्रतिशत ही नाले का निर्माण हो चुका है।
इसके अलावा खजांची चौराहे पर लोक निर्माण विभाग पुलिया बना रहा है। इसके पूरे होने में कम से कम 20 से 25 दिन लगने की संभावना है। वहीं, महुई सुघरपुर वार्ड में भी मुख्य सड़क के किनारे नाला बन रहा है, लेकिन अब तक मात्र 50 प्रतिशत ही काम हो सका है। वार्ड के पार्षद चंद्रप्रकाश सिंह गोली का कहना है कि नाला निर्माण के बावजूद पानी की निकासी की समस्या बनी रहेगी, क्योंकि जलनिकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं हो सकी है।
सुरेश चंद चीफ इंजीनियर सुरेश चंद ने कहा कि शहर के विभिन्न इलाकों में कई विभागों के द्वारा नाले-नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। नगर निगम के द्वारा छोटी-छोटी नालियों का निर्माण कराया जा रहा है। जहां भी नगर निगम के द्वारा नाले का निर्माण हो रहा है, उसे 20 जून तक पूरा कर लिया जाएगा।
20 जून तक पूरा हो जाएगा देवरिया बाईपास नाले का निर्माण
देवरिया बाईपास के किनारे निर्माणाधीन सीसी नाले का काम 20 जून तक पूरा हो जाएगा। कमिश्नर रवि कुमार एनजी और जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह की सख्ती के बाद नाले के निर्माण में तेजी आई है। रात में भी नाले का निर्माण किया जा रहा है। प्राधिकरण के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंता की टीम सड़क किनारे टेंट लगाकर कार्य की नियमित निगरानी कर रही है। जीडीए उपाध्यक्ष रोजाना शाम निर्माण कार्य की जानकारी ले रहे हैं।
इसी महीने बौद्ध संग्रहालय से शुरू होकर रामगढ़ताल तक निर्माणाधीन सीसी नाले का काम पूरा हो जाएगा। हालांकि, मौजूदा रफ्तार को देखते हुए इस दावे पर संशय है। यही नहीं, नाले की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं। नाले में जगह-जगह मोड़ है, जिससे पानी का बहाव बाधित हो सकता है। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले देवरिया बाईपास नाले के निर्माण से तारामंडल क्षेत्र की बड़ी आबादी को जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है।
पिछले महीने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाले के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया था। उन्होंने बरसात का मौसम शुरू होने से पहले निर्माण कार्य पूरा कराने का निर्देश दिया था। बावजूद इसके, निर्माण की रफ्तार धीमी मिलने और जगह-जगह मिट्टी खोदकर सड़क किनारे रख देने पर जीडीए अध्यक्ष एवं कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने नाराजगी जताई थी।
फरसहिया तालाब से सिल्ट निकालने का काम शुरू
बुद्ध विहार पार्ट सी स्थित फरसहिया तालाब से भी सिल्ट और जलकुंभी निकालने का काम सोमवार से शुरू हो गया है। देवरिया बाईपास नाला और बौद्ध संग्रहालय के पास बन रहे नाले का पानी भी इसी तालाब में गिरेगा। यही नहीं, इस क्षेत्र के बाकी नाले-नालियों का पानी भी इसी तालाब में गिरता है। यहां से पंपिंग मशीन से फरसहिया नाले के जरिए रामगढ़ताल में जाता है। लंबे समय से सफाई नहीं होने की वजह से तालाब में बहुत कचड़ा एकत्रित हो गया था। अब इसकी सफाई कराई जा रही है।
जीडीए उपाध्यक्ष प्रेमरंजन सिंह ने कहा कि बीस जून तक देवरिया बाईपास और बौद्ध संग्रहालय-रामगढ़ताल निर्माणाधीन सीसी नाले का काम पूरा हो जाएगा। इसकी नियमित निगरानी की जा रही है। लापरवाही न हो, इसलिए मौके पर अधिशासी अभियंता की अगुवाई में अभियंताओं की टीम कैंप कर रही है। रात में भी काम कराया जा रहा है।