नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान स्वंय सहायता समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास देखते बन रहा था। संवाद के दौरान सीएम ने वीना साहनी से पूछा कि क्या उसने ड्रोन दीदी की ट्रेनिंग ली है? सरकार से उनको कैसी अपेक्षाए हैं? वीना ने जवाब दिया कि जो सुविधाएं ग्रामीण महिलाओं को मिल रही हैं वह शहरी महिलाओं को भी मिले। अपने समूह के बारे में वीना ने बताया कि इसमें महिलाओं को जोड़ा जाता है। कई महिलाएं मिट्टी की ज्वेलरी बनाती हैं। कोई गाय-भैंस पालता है। इसपर सीएम ने सलाह दिया कि सभी महिलाओं को मिलकर एक दुग्ध समिति का गठन कर डेयरी बनाना चाहिए।
Gorakhpur News: नारी शक्ति वंदन सम्मेलन में सीएम ने पूछा, ड्रोन दीदी की ट्रेनिंग ली?
श्वेता गोस्वामी ने सीएम को बताया कि उनके समूह की कुछ महिलाएं सब्जी बेचती हैं, कुछ बेसन बनाती हैं तो कुछ गाय-भैंस पालती हैं। इसपर सीएम ने पूछा कि दूध बिक जाता है कि नहीं, इससे हर महीने कितना कमा लेती हो? श्वेता ने जवाब दिया कि पहले उनकी कोई आय नहीं थी लेकिन अब हर महीने 10-15 हजार रुपये कमा लेती हैं।
खोराबार ब्लॉक की संगीता यादव ने संवाद के दौरान बताया कि वह श्रृंगार की दुकान चलाती हैं। उनके समूह में 20 महिलाएं हैं। इसपर मुख्यमंत्री ने पूछा कि सभी लोग दुकान ही चलाती हैं या कुछ और भी? संगीता ने जवाब दिया कि सब अलग-अगल काम करती हैं। सरकार से कई बार फंड मिला। जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं। दुर्गावती ने बताया कि समूह से फंड लेकर उसने जनरल स्टोर खोला। अन्य महिलाएं सैलून चला रही हैं या गाय पाल रही हैं। सब अपने पैरों पर खड़ी हैं। नंदानगर की शमीम एजाज ने सीएम से बताया कि वे 1998 से समूह का निर्माण कर रही हैं। पहले की सरकारें ध्यान नहीं देती थीं। मोदी सरकार के आने के बाद सारी समस्याएं दूर हो गईं।
आत्मविश्वास बताता है काम हो रहा
मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान महिलाओं का आत्मविश्वास देखते बन रहा था। ऐसा लग ही नहीं रहा था कि वे पहली बार सीएम से बात कर रही हों। सरकार की तारीफ करने के साथ ही उन्होंने अपनी समस्याओं को भी रखा। महिलाओं के आत्मविश्वास से सीएम भी हैरान रह गए। तभी उन्होंने कहा कि स्वंय सहायता समूह की महिलाओं का आत्मविश्वास बता रहा है कि काम हो रहा है। काम से ही आत्मविश्वास बढ़ता है।
डबल इंजन की सरकार कर रही महिलाओं का उत्थान
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत गोरखपुर में कुल गठित स्वयं सहायता समूह की संख्या 20847 है, जिसमें 3 लाख 5 हजार से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं। जनपद में 63563 महिलाएं निराश्रित पेंशन, 54062 महिलएं वृद्धा पेंशन तथा 6094 महिलाएं दिव्यांगजन पेंशन योजना में लाभान्वित हो रही हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 2 लाख 91 हजार महिलाओं को निशुल्क गैस का कनेक्शन प्राप्त हुआ है। 56 स्वयं सहायता समूह राशन की दुकानों का संचालन कर रही हैं जिसमें 438 महिलाएं जुड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पहले महिलाओं को घर से बाहर नहीं जाने दिया जाता था किन्तु आज स्वयं सहायता समूह के माध्यम से वे सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रही हैं। डबल इंजन की सरकार ने उनके उत्थान के लिए कई कार्यक्रम प्रारम्भ किये हैं।