बॉलीवुड अभिनेता पंकज त्रिपाठी की फिल्म ‘कागज’ का ट्रेलर गुरुवार को रिलीज किया गया। यू-ट्यूब पर फिल्म के ट्रेलर में खलीलाबाद तहसील की बिल्डिंग को देखकर स्थानीय लोगों में उत्सुकता है, लेकिन चौकाने वाली बात यह है कि इस फिल्म की शूटिंग खलीलाबाद तहसील में हुई ही नहीं है।
'कागज' फिल्म में चमकेगी खलीलाबाद तहसील, पंकज त्रिपाठी निभा रहे इसका मुख्य किरदार, तस्वीरें
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सलमान खान फिल्म के बैनर तले बन रही फिल्म कागज का निर्देशन सतीश कौशिक कर रहे हैं। फिल्म सच्ची घटना पर आधारित है। ‘कागज’ के ट्रेलर में पंकज का किरदार ‘भरत लाल मृतक’ शादी में बैंड बजाता है, जो सरकारी कागजों में मर चुका है। अब वह कोशिश कर रहा है कि किसी तरह उसका जीवित प्रमाण पत्र बन जाए।
फिल्म ‘कागज’ आजमगढ़ के भरत लाल उर्फ लाल बिहारी के जीवन पर आधारित है। यू-ट्यूब पर फिल्म का ट्रेलर 45 लाख लोग देख चुके हैं। ट्रेलर में 1:11वें मिनट पर खलीलाबाद तहसील का दृश्य देखकर स्थानीय लोग भौचक रह गए। हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर शहर के मध्य में स्थित पुरानी तहसील भवन में कब शूटिंग हुई। खलीलाबाद तहसील का नाता ‘कागज’ फिल्म में किस प्रकार जुड़ा है, यह तो फिल्म रिलीज होने पर पता चलेगा।
‘कागज’ सात जनवरी को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होगी। पहले यह फिल्म मई में रिलीज होनी थी, लेकिन कोविड-19 के कारण सिनेमाघर बंद हो गए और शूटिंग पर रोक लग गई थी। अब फिल्म को ऑनलाइन रिलीज किया जाएगा। फिल्म के राइटर सतीश कौशिक हैं, इसलिए सिस्टम पर तीखी और तल्ख शैली वाली फिल्म हो सकती है। उम्मीद है कि ‘कागज’ में भरत लाल का किरदार निभाने वाले पंकज त्रिपाठी अभिनय की नई इबारत लिखेंगे।
कौन है भरत लाल उर्फ लाल बिहारी
किसी अनाम शायर का शेर है- हंसना रोना आहें भरना, सब कागज पर चलता है, इस दुनिया में जीना-मरना अब कागज पर चलता है। सरकारी नियमों के कारण आदमी का वजूद महज कागजों में सिमट कर रह गया है। आजमगढ़ के भरत लाल उर्फ लाल बिहारी के साथ कागजों का अजब-गजब खेल खेला गया। उसकी जमीन हड़पने के लिए रिश्तेदारों ने अफसरों से मिलीभगत कर उसे सरकारी कागजों में मृत घोषित करवा दिया। लाल बिहारी को 1975 से 1994 तक खुद को जिंदा साबित करने के लिए तरह-तरह के पापड़ बेलने पड़े। लाल बिहारी 19 साल तक मृतक सिंह के तौर पर सुर्खियाें में रहा।