देश में कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के केस लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने 70 प्रतिशत आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य कर दिया है। साथ ही सांस के रोगियों की भी कोविड जांच कराने की बात कही है। इसके लिए जिले के 20 ब्लॉकों से सैंपल लिए जाएंगे। सैंपल के साथ-साथ गांव और शहरी क्षेत्र की आशा कार्यकर्ताओं को 10 मेडिकल किट भी दिए जाएंगे। यह किट आशा कार्यकर्ता बुखार से ग्रसित मरीजों को देंगी।
Omicron Alert: गोरखपुर में 70 प्रतिशत आरटीपीसीआर टेस्ट अनिवार्य, इस वजह से लिया गया फैसला
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सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने सभी सीएचसी अधीक्षक और प्रभारी चिकित्साधिकारियों को निर्देशित किया है कि अपने-अपने केंद्रों पर कोविड जांच अधिक से अधिक कराएं। 30 प्रतिशत एंटीजन जांच के साथ 70 प्रतिशत नमूने आरटीपीसीआर जांच के लिए भेजे जाएं। सभी केंद्रों पर कोविड जांच सेंटर बनाया जाए। साथ ही कोविड कमांड सेंटर को एक्टिव किया जाए। शासन की ट्रेस, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण पर जोर दिया जाए।
सांस के रोगियों को करें चिह्नित
सीएमओ ने निर्देश दिया है कि सभी ब्लॉकों के रैपिड रिस्पांस टीम (आआरटी) को सक्रिय किया जाए। रैपिड रिस्पांस टीम क्षेत्र में सांस के रोगियों (फेफड़े में संक्रमण) और बुखार के रोगियों को चिह्नित करते हुए उन्हें दवा उपलब्ध कराएं। जरूरत पड़ने पर तत्काल उनकी एंटीजन से जांच कराएं। साथ ही आरटीपीसीआर के लिए नमूना बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग भेजे। इस बीच अगर कोई मरीज पॉजिटिव आता है तो उस क्षेत्र के 100 मीटर के दायरे में सबकी जांच कराई जाए। बताया कि सांस और बुखार के रोगियों को संक्रमण का खतरा सबसे अधिक है।
विदेश से आने वाले लोगों पर रखें विशेष नजर
सीएमओ ने आशा, आंगनबाड़ी वर्कर और निगरानी समितियों को निर्देश दिया है कि विदेश से आने वाले लोगों पर नजर रखें। इस दौरान उनकी आरटीपीसीआर जांच अनिवार्य रूप से कराएं। पॉजिटिव आने पर जीनोम सीक्वेसिंग के लिए नमूना लिया जाए। उनके संपर्क में आने वाले लोगों की जांच भी कराई जाएं। साथ ही एक सप्ताह तक उन्हें होम आइसोलेशन की सलाह दें। अगर वह सहयोग नहीं करते हैं तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें। विभाग ऐसे लोगों को जागरूक करेगा।
कमियों को देख करें दूर
सीएमओ ने कोविड अस्पताल के अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि तीसरी लहर से पहले अस्पतालों में सभी व्यवस्थाएं देख लें। इस दौरान कोई भी कमी मिलती है तो उसे दूर कराया जाए। ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर से लेकर ऑक्सीजन प्लांट की व्यवस्था बेहतर कराई जाए। सभी कमियों को समय से पहले दूर किया जाए।