गोरखपुर में कोरोना मरीजों की संख्या भले ही कम हो गई हो, लेकिन इमरजेंसी में आने वाले संक्रमित मरीजों को प्लाज्मा नहीं मिल पा रहा हैं। इसकी वजह यह है कि प्लाज्मा दान के लिए कोरोना विजेता आगे नहीं आ रहे हैं। जबकि बीआरडी मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों समेत सीएमओ कोरोना विजेताओं से प्लाज्मा दान की अपील कर चुके हैं।
गोरखपुर में 20 हजार से अधिक कोरोना मरीज हो चुके हैं ठीक, फिर नहीं मिल रहे 'प्लाज्मा दाता'
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा थेरेपी की शुरुआत हो चुकी है। अब इसके रिजल्ट भी बेहतर मिले हैं। 10 से अधिक मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी देकर उनकी जान भी बचाई गई है। बेहतर रिजल्ट को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने गंभीर मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी देने की पहल की है। लेकिन इन सबके बीच मरीजों को प्लाज्मा मिल नहीं रहे हैं। इसकी वजह से उनके इलाज में डॉक्टरों को परेशानी हो रही है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि प्लाज्मा दान के लिए लोग आगे नहीं आ रहे हैं। इसकी वजह से मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाने में काफी परेशानी हो रही है। लोगों से अपील की जा रही है कि लोग प्लाज्मा दान के लिए आगे आएं, जिससे की मरीजों को प्लाज्मा थेरेपी दिया जा सके।
20 हजार से अधिक लोग कोरोना से जीत चुके हैं जंग
जिले में जिस रफ्तार से मरीजों की संख्या बढ़ी थी। उसी रफ्तार से लोग ठीक भी हुए। अब तक 20 हजार से अधिक लोग संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं। जिले में महज 250 के आसपास मरीज रह गए हैं। इसके बाद भी लोग प्लाज्मा दान के लिए आगे नहीं आ रहे हैं।