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गोरखपुर बीआरडी में शुरू हुआ प्लाज्मा दान, इस मशीन का किया जा रहा है प्रयोग

Wed, 25 Nov 2020 08:37 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 25 Nov 2020 08:37 PM IST
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Plasma of two people taken from apheresis machine in Gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा दान की शुरुआत बुधवार से शुरू हो गई। एफेरेसिस मशीन के जरिए दो लोगों ने प्लाज्मा दान किया है। इनमें तारामंडल के रहने वाले डॉ बिपिन चंद्र चतुर्वेदी और अनुनय फिलिप शामिल हैं। इसके अलावा कई लोगों ने प्लाज्मा दान के लिए रजिस्ट्रेशन भी कराए हैं।

Plasma of two people taken from apheresis machine in Gorakhpur
प्लाजमा डोनेट - फोटो : पीटीआई

जानकारी के मुताबिक अब तक प्लाज्मा दान के लिए लोगों को फातिमा हॉस्पिटल जाना पड़ता था। क्योंकि बीआरडी के पास एफेरेसिस मशीन नहीं थी। एक पखवारे पूर्व कॉलेज को मशीन मिली है। इसका उद्घाटन तीन दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए किया है।

Plasma of two people taken from apheresis machine in Gorakhpur
बीआरडी स्थित 500 शैया युक्त बाल रोग चिकित्सालय संस्थान। - फोटो : अमर उजाला।

बुधवार को डॉ. बिपिन चंद्र चतुर्वेदी ने बीआरडी में पहुंचकर प्लाज्मा दान किया है। देर शाम अननुय फिलिप ने भी प्लाज्मा दान करते हुए लोगों से अपील की है।

 

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Plasma of two people taken from apheresis machine in Gorakhpur
BRD medical college - फोटो : अमर उजाला

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि यह मशीन प्लेटलेट्स की कमी से जूझने वाले डेंगू, ल्यूकेमिया, एप्लास्टिक एनीमिया आदि रोगों के मरीजों के लिए वरदान साबित होगी। एक या दो रक्तदाता से ही मरीज के प्लेटलेट्स की जरूरत पूरी हो जाएगी। साथ ही गंभीर कोरोना मरीजों को चढ़ाया जाने वाला प्लाज्मा भी इस मशीन से निकाला जाएगा। इस दौरान पैथालॉजी विभागाध्यक्ष डॉ शैल मित्रा, डॉ अर्चना त्रिपाठी, डॉ राजेश कुमार आदि मौजूद रहे।

 

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Plasma of two people taken from apheresis machine in Gorakhpur
बीआरडी मेडिकल कॉलेज। - फोटो : अमर उजाला।
क्या है एफेरेसिस मशीन
ब्लड बैंक के प्रभारी डॉ. राजेश कुमार राय ने बताया कि यह मशीन एक दानदाता के रक्त से प्लेटलेट्स या प्लाज्मा अलग करने और बाकी रक्त शरीर में वापस लौटाने में लगभग डेढ़ घंटे का समय लेती है। साधारण रक्तदान में जहां एक यूनिट रक्त से मात्र पांच हजार प्लेटलेट्स व 160 मिलीलीटर प्लाज्मा निकलता था। मशीन के जरिए एक रक्तदाता से 30 हजार प्लेट्लेट्स व 450 मिलीलीटर प्लाज्मा निकल सकेगा।
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