डेंगू हेमरेजिक फीवर के अलावा अब कोरोना मरीजों में भी प्लेटलेट्स कम हो रहे हैं। कई मरीजों की सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) जांच में इसकी तस्दीक हुई है। डॉक्टर अब तीन से चार दिन बुखार होने पर डेंगू जांच की सलाह भी दे रहे हैं। डॉक्टरों की मानें तो मरीज के प्लेटलेट्स कम होने पर पहली शंका डेंगू की ओर जाती है, लेकिन कई कोरोना मरीजों के प्लेटलेट्स कम होने पर जांच कराई गई तो उनकी डेंगू रिपोर्ट निगेटिव आई है।
कोरोना मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है ये बीमारी, विशेषज्ञों ने जताई चिंता
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विशेषज्ञों का कहना है कि यह दोहरी चिंता की बात है। एक तरफ मरीजों को कोविड-19 वायरस का अटैक झेलना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्लेटलेट्स कम होने पर ब्रेन हेमरेज का भी खतरा है। ऐसी स्थिति में बुखार के मरीजों को उनका प्लेटलेट काउंट समय-समय पर जांच कराते रहना चाहिए। जिससे सही समय पर प्लेटलेट्स को कम होने से रोका जा सके, अगर इसमें लापरवाही बरती गई तो यह खतरनाक हो सकता है।
40 हजार के आसपास आ गया था प्लेटलेट काउंट
गोरखपुर जिले के रुस्तमपुर के रहने वाले विनय कुमार कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए थे। बुखार के साथ सर्दी और जुकाम की भी शिकायत थी। डॉक्टरों की सलाह पर सीबीसी कराई गई तो पता चला कि प्लेटलेट्स 40 हजार के आसपास आ गए हैं लेकिन डेंगू की रिपोर्ट निगेटिव थी। जिला अस्पताल के एक डॉक्टर भी पॉजिटिव हुए थे। उन्होंने भी सीबीसी जांच कराई, तो प्लेटलेट्स 40 हजार के आसपास पहुंच गए थे, लेकिन निगेटिव होने के बाद उनके प्लेटलेट्स फिर से मेंटेन हो गए। प्लेटलेट्स घटने के ऐसे मामले सर्दी-जुकाम और बुखार के 40 प्रतिशत मरीजों में सामने आ रहे हैं।
जिला अस्पताल के डॉक्टर राजेश कुमार ने बताया कि कोरोना मरीजों में प्लेटलेट्स घटने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। जिन मरीजों में कोरोना के कारण बुखार और सर्दी-जुकाम के लक्षण हैं, उनमें प्लेटलेट्स लगातार कम हो रहे हैं, लेकिन उनमें डेंगू की शिकायत नहीं मिल रही है। ऐसी स्थिति में सावधान रहने की जरूरत है, अगर 30 हजार से कम प्लेटलेट्स हो जाते हैं, तो ऐसे मरीजों के शरीर पर लाल चकत्ते हो सकते हैं। पेशाब लाल हो सकता है। मल काला हो सकता है। नाक और मुंह से खून आ सकता है। ऐसे में मरीजों को ब्रेन हेमरेज का खतरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में मरीजों को तत्काल प्लेटलेट्स की जरूरत पड़ेगी। सामान्य तौर पर एक मनुष्य में डेढ़ से चार लाख क्यूबिक एमएम तक प्लेटलेट्स रहने चाहिए।
प्लेटलेट्स बढ़ाने के घरेलू उपाय
एलोपैथी चिकित्सा पद्धति में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए प्लेटलेट्स चढ़ाने के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं है। लेकिन आयुर्वेद में प्लेटलेट्स बढ़ाने के कई कारगर तरीके हैं। इनमें गिलोय का सेवन, खाली पेट पपीते के पत्ते को पीस कर पीना, चुकंदर और खजूर के सेवन के साथ नारियल पानी का उपयोग करना शामिल है।