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जम्मू में आतंकी साजिश नाकाम कर इस जवान ने बढ़ाया गोरखपुर का मान, देखें तस्वीरें

Fri, 05 Jun 2020 04:06 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 05 Jun 2020 04:06 PM IST
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role of Assistant commandant Vidyanidhi Sarvesh Tripathi in arresting Four terrorists of Jaish
Vidyanidhi Sarvesh Tripathi - फोटो : अमर उजाला।

जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में तैनात केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के असिस्टेंट कमांडेंट और खजनी तहसील क्षेत्र के सरया तिवारी गांव के लाल विद्यानिधि त्रिपाठी ने बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश करके गोरखपुर का मान बढ़ाया है। आर्मी और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर विद्यानिधि ने गत बुधवार को जैश ए मोहम्मद (जेएएम) के चार बड़े आतंकियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 24 किलोग्राम बारूद बरामद कराया।

role of Assistant commandant Vidyanidhi Sarvesh Tripathi in arresting Four terrorists of Jaish
Vidyanidhi Sarvesh Tripathi - फोटो : अमर उजाला।

इस बारूद का आईडी बनाकर धमाका करने की योजना थी। जो इनपुट मिला था, उसके हिसाब से आतंकी सुरक्षाबलों के साथ ही देश के प्रमुख स्थानों व धार्मिक स्थलों को निशाना बनाना चाहते थे। विद्यानिधि के इस अभियान का हिस्सा बनने से सरया तिवारी गांव में जश्न का माहौल है। सब गोरखपुर के लाल के साहस की सराहना कर रहे हैं। असिस्टेंट कमांडेंट भी खुश हैं। उनका कहना है कि तीन जून को आतंकियों के खिलाफ जो ऑपरेशन चलाया था, उसमें सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेंट पीके बेहरा का भी अहम योगदान था। आतंकी बड़ी वारदात को अंजाम देना चाहते थे।

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Vidyanidhi Sarvesh Tripathi - फोटो : अमर उजाला।

पहले नक्सली, अब आतंक के खिलाफ मुहिम सीआरपीएफ में सेलेक्शन के बाद विद्यानिधि को पहली तैनाती महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में मिली थी। यह क्षेत्र नक्सल प्रभावित है। विद्यानिधि बड़े नक्सली अभियानों का हिस्सा भी बनें। अब जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में तैनाती मिली है तो आतंकियों से लोहा ले रहे हैं।
 

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Vidyanidhi Sarvesh Tripathi - फोटो : अमर उजाला।

पिता न्यायाधीश, भाइयों ने देश सेवा की राह चुनी
सरया तिवारी के गंगाशरण राम त्रिपाठी न्यायिक सेवा में रहे। वह बिहार में न्यायाधीश के पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। गंगाशरण के दो बेटों ने देश सेवा की राह चुनी है। बड़े बेटे देवेश सीआईएसएफ में असिस्टेंट कमांडेंट हैं। उनकी तैनाती हैदराबाद में है। छोटे बेटे विद्यानिधि सर्वेश त्रिपाठी सीआरपीएफ में हैं। उनकी पोस्टिंग जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में है। बेटों के इस जज्बे पर मां विजय लक्ष्मी त्रिपाठी भी गर्व करती हैं।

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Vidyanidhi Sarvesh Tripathi - फोटो : अमर उजाला।
पहले प्रयास में मिली थी सफलता
सरया तिवारी गांव के विद्यानिधि सर्वेश त्रिपाठी की इंटरमीडिएट तक की शिक्षा खजनी के द्रोपदी इंटर कॉलेज में हुई, फिर एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ से बीटेक किया। वर्ष 2013 में सीआरपीएफ असिस्टेंट कमांडेंट पद पर चयन हो गया। पहले ही प्रयास में सफलता हासिल करके विद्यानिधि ने गोरखपुर का मान बढ़ाया था। जब सीआरपीएफ में सेलेक्शन हुआ था, तब विद्यानिधि 21 वर्ष के थे।
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