गोरखपुर-बस्ती मंडल में इस मानसून में अब तक काले बादलों ने उम्मीदों पर पानी ही फेरा है। दोनों मंडलों में सावन-भादो (श्रावण-भाद्रपद) में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है। सबसे खराब स्थिति कुशीनगर की है, इस जिले में अब तक सामान्य से 70 फीसदी कम बारिश हुई है। गोरखपुर में सामान्य से करीब 47 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल में स्थिति खराब: सूखा बीता सावन और भादो, बादल छाए पर बरसे नहीं
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मानसून के करीब तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन कुछ मौकों को छोड़कर बादल धोखा ही दे रहे हैं। उम्मीद बंधाने के बाद काले बादल बिना बरसे चले जा रहे हैं। कहीं बूंदाबांदी हो भी रही है, तो थोड़ी ही दूरी पर जमीन सूखी नजर आ रही है।
पूरे मानसून कमोबेश ऐसी ही स्थिति रही। जून से आठ सितंबर तक गोरखपुर में 1065.8 मिलीमीटर बारिश हो जानी चाहिए, लेकिन केवल 568.7 मिलीमीटर बारिश हुई है। जोकि सामान्य से करीब 47 प्रतिशत कम है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के 37 जिलों में सामान्य से कम बारिश
मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के 42 जिलों में चित्रकूट, वाराणसी, प्रतापगढ़, सोनभद्र और खीरी को छोड़कर बाकी के 37 जिलों में बारिश सामान्य से 21 से 79 प्रतिशत तक कम हुई है। चित्रकूट जिले में 31 प्रतिशत ज्यादा बारिश हुई। वहीं फरुखाबाद जिले में 79 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
| जिला | वास्तविक बारिश (मिमी) | सामान्य बारिश | औसत से कम (प्रतिशत में) |
| गोरखपुर | 568.7 | 1065.8 | 47 |
| देवरिया | 525.5 | 664.8 | 21 |
| महराजगंज | 446.1 | 867.9 | 49 |
| कुशीनगर | 188.3 | 625.6 | 70 |
| बस्ती | 303.5 | 705.5 | 57 |
| संतकबीरनगर | 300.4 | 860.7 | 65 |
| सिद्धार्थनगर | 394.4 | 906.2 | 56 |