खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए चार अगस्त तक का समय बेहद खास होने वाला है। उन्हें छह हजार साल में एकबार घटित होने वाली खगोलीय घटना का गवाह होने मौका मिलेगा। वे सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के ठीक बाद प्रतिदिन 20 मिनट तक नंगी आंखों से लंबी पूंछ वाले चमकदार नियोवाइज धूमकेतु को देखने का लुत्फ उठा सकेंगे।
आसमान में 20 दिनों तक नजर आएगा ये धूमकेतु, छह हजार साल में घटित होती है ऐसी खास घटना
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14 जुलाई से यह खगोलीय घटना शुरू हो चुकी है। अगले 20 दिनों यानी 4 अगस्त तक इस अनोखी खगोलीय घटना का दीदार किया जा सकता है। उत्तरी ध्रुव वाले देशों में इसे सूर्यास्त के समय देखा जा सकेगा। वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला के खगोलविद अमरपाल सिंह ने बताया कि सूरज का चक्कर लगाने में नियोवाइज (c/2020 f3) धूमकेतु को एकबार में 6800 साल लगते हैं।
यानी यह हमारे सौर मंडल में अगली बार हजारों सालों के बाद वापस आएगा। नियोवाइज धूमकेतु का अगला हिस्सा तेजी से जलता हुआ निकलता है। इसके पीछे छोटी या लंबी रोशनी की पूंछ होती है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने नियोवाइज को टेलीस्कोप की मदद से 27 मार्च 2020 को खोजा है।
यह धूमकेतु 22 और 23 जुलाई को धरती के सबसे ज्यादा करीब होगा। धरती से इसकी दूरी 10.3 करोड़ किलोमीटर होगी। इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं। एस्ट्रोनॉमिकल दूरबीन से इसे ज्यादा बेहतर देखा जा सकता है।
कब आएगा नजर
खगोलविद अमरपाल सिंह ने बताया कि इस खगोलीय घटना को सुबह और शाम के वक्त आसमान में उत्तर पश्चिम दिशा की ओर घूमते तारे की तरह देखा जा सकेगा। 30 जुलाई तक इसे आकाश में सप्तऋषि तारामंडल से 40 डिग्री के कोण पर उत्तर पश्चिम दिशा में देखा जा सकेगा। जुलाई के बाद से इसकी चमक ओझल होनी शुरू हो जाएगी। हालांकि तब इसे दूरबीन या स्पेस दूरबीन की मदद से देखा जा सकेगा।