अपराध की दुनिया में पूर्वांचल के कुख्यात अपराधी चंदन सिंह का नाम और खौफ आज भी कायम है। भले ही वह जेल में बंद है, लेकिन वहीं से वह अपनी बादशाहत चला रहा है। गौतमबुद्ध नगर जेल में बंद चंदन का कई लोगों के पास ऑडियो संदेश आया है। धमकी की जगह वह मदद के नाम पर लोगों को घुड़की दे रहा है। खबर है कि शहर के कई व्यापारी उसकी मांग पूरी करते हैं। बिचौलिया शहर का एक पूर्व छात्रनेता है, जो संदेश को पहुंचाने और रुपये की वसूली का काम करता है। हालांकि ऑडियो और स्मार्ट फोन की बात सामने आने के बाद डीआईजी राजेश डी मोदक ने जांच की बात कही है।
जीवनी लिखने के बहाने हाथ लगा स्मार्टफोन, अब जेल से हुकूमत चला रहा कुख्यात चंदन
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जानकारी के मुताबिक, वह अपनी जीवनी लिखने के साथ ही खुद के सुधरने का दावा कर रहा है। इतना ही नहीं जो उसका पहला ऑडियो वायरल हुआ है, उसमें भी उसने अपराध के रास्ते पर न चलने की बात कही है। लेकिन, उसके ठीक एक सप्ताह बाद एक व्यापारी के पास जो ऑडियो संदेश पहुंचाया गया है, उससे चंदन की हरकत का पता चलता है। उसमें साफ कहा गया है कि मदद नहीं हुई तो अंजाम भी वैसा ही होगा। चंदन की इस घुड़की का असर आज भी देखने को मिलता है। वह जेल में बंद है, लेकिन उसके गुर्गे खुलेआम उसका काम कर रहे हैं।
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पुलिस कस्टडी से भी भाग चुका है चंदन
गोरखपुर जिले के चिलुआताल थाना क्षेत्र के कुसहरा निवासी चंदन सिंह कई बार पुलिस कस्टडी से भी भाग चुका है। 14 अगस्त 2013 को पेशी से देवरिया लौटते समय चलती ट्रेन से कूदकर फरार हो गया था। इसके बाद उसने ताबड़तोड़ वारदात की। 18 अगस्त 2014 को बाराबंकी पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया। बाद में यहां से उसे बदायूं जेल भेजा गया था।
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31 मई 2016 को वह आगरा मेडिकल कॉलेज से पुलिस को चकमा देकर भागा था। बाद में एसटीएफ ने दिसंबर 2016 को उसे अहमदाबाद से गिरफ्तार किया था। मई, 2018 में मुरादाबाद के शातिर बदमाश सुमित के साथ उसने फिर भागने की कोशिश की थी, लेकिन वह पकड़ लिया गया, जबकि सुमित भाग गया था। इस समय वह गौतमबुद्ध नगर जेल में बंद है।
वर्ष 2006 में सुर्खियों में आया
चंदन ने गांव में मनबढ़ई से अपराध की शुरुआत की और वर्ष 2006 में अपने गांव के दुकानदार प्रेम सागर सिंह की हत्या कर सुर्खियों में आया। छह साल बाद 13 नवंबर 2012 को दीपावली के दिन उसने डोहरिया बाजार में सरेआम संतोष की हत्या कर दी थी। संतोष के भाई विजय सिंह ने चंदन के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ी। संतोष की हत्या में गवाही पूरी हो गई है। अब फैसला आने का वक्त है। हत्या में सजा मिलने के डर से चंदन ने विजय सिंह को काफी धमकी दी, लेकिन उस धमकी से वह टूटे नहीं। उन्हीं के मुकदमे की पेशी में वह पिछले दिनों आया था।