गोरखपुर में बारिश तो थम गई, लेकिन जिले में बाढ़ का कहर बढ़ता जा रहा है। रोहिन को छोड़ सभी नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। कुआनो नदी खतरे के निशान से 1.71 मीटर ऊपर पहुंच गई है। बड़हलगंज क्षेत्र में एक रिंग बाधा टूट गया। सिंचाई विभाग का कहना है कि यह तटबंध शायद आरईएस का था जो मानक के अनुरूप नहीं था। उधर, बाढ़ से अब तक 183 गांव प्रभावित और 78 मैरुंड हो चुके हैं।
तस्वीरें: गोरखपुर में बारिश तो थमी पर बढ़ रहा बाढ़ का कहर, कुआनो नदी ने दिखाया विकराल रूप
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विगत दिनों नेपाल की पहाड़ी से लेकर मैदानी इलाकों में हुई भारी बारिश के कारण जिले में बहने वाली सभी नदियों में उफान आ गया। हालत यह हो गई कि सरयू नदी अयोध्या में अपने 2009 के उच्चतम जलस्तर के करीब पहुंच गई। बृहस्पतिवार से वह स्थिर है। ऐसा माना जा रहा है कि एक से दो दिन में उसका जलस्तर नीचे की तरफ आने लगेगा। जबकि यही सरयू बरहज में खतरे के निशान से 1.80 मीटर ऊपर बह रही है।
राप्ती नदी ऊपर से घटनी शुरू हो गई है। दूसरी तरफ बलरामपुर-उसका तटबंध टूट गया। जबकि सिद्धार्थनगर में बूढ़ी राप्ती पर बना तटबंध टूटने से उसका पानी कई क्षेत्रों में फैल गया है। इससे उसके बढ़ने की रफ्तार धीमी हो गई है। फिर भी खतरे के निशान से 93 सेमी ऊपर बह रही है। रोहिन का जलस्तर लगातार घट रहा है। फिर भी उसका जलस्तर खतरे के निशान से 29 सेमी ऊपर है। गोर्रा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, वह खतरे के निशान से 55 सेमी ऊपर बह रही है।
कहीं कोई खतरे की बात नहीं : केके राय
सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता केके राय का कहना है कि नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, लेकिन कहीं कोई खतरे की बात नहीं है। किसी तटबंध पर कोई दबाव नहीं है। संवेदनशील स्थानों की निगरानी की जा रही है। पूरा विभाग बंधों पर डटा है। जिस रामनगर डुमरी रिंग बांध के टूटने की बात कही जा रही है वह सिंचाई विभाग का नहीं है। उस क्षेत्र में सिंचाई विभाग का कोई बांध नहीं है। विभाग का उससे कुछ लेना देना नहीं है।
- घाघरा नदी अयोध्या 93.980, खतरे का निशान 93.730
- घाघरा बरहज 68.300, खतरे का निशान 66.500
- राप्ती बर्डघाट 75.910, खतरे का निशान 74.980
- रोहिन त्रिमुहानी 82.730, खतरे का निशान 82.440
- कुआनो चंद्रदीप घाट 90.550, खतरे का निशान 88.840
- गोर्रा पिडरा 71.050, खतरे का निशान 70.500