कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट के मामले देश में तेजी से बढ़ रहे हैं। अन्य से तीन गुना अधिक फैलने वाले इस वैरिएंट ने दुनिया में एक बार फिर से चिंता बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह में इसका संक्रमण भारत में भी कई गुना तक बढ़ गया है। अब 14 राज्य कोरोना के इस नए वैरिएंट की चपेट में हैं और देश भर में 221 लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा संख्या महाराष्ट्र की है, जहां 65 लोग ओमिक्रॉन से संक्रमित हैं। इसके अलावा दिल्ली में 54 मामलों की पुष्टि हुई है। हरियाणा निवासी छह लोग संक्रमित पाए गए हैं। तीन गुरुग्राम निवासी दिल्ली के अस्पतालों में भर्ती हैं। ये विदेश से लौटने के बाद घर नहीं पहुंचे। इनके संक्रमित होने की पुष्टि दिल्ली में ही हो गई। हालांकि प्रदेश में अभी तक ओमिक्रॉन का एक भी केस सामने नहीं आया है।
हरियाणा: ओमिक्रॉन बढ़ा रहा चिंता, प्रदेश के छह लाेग मिल चुके संक्रमित, लोग दिख रहे अब भी लापरवाह, सरकार ने बढ़ाई सख्ती
दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट फैलने लगा तो सोनीपत में बढ़ने लगी चिंता
सोनीपत से सटे दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मरीज लगातार बढ़ने लगे हैं, जिससे जिले में भी लोगों की चिंता बढ़नी शुरू हो गई है। अकेले जिले से रोजाना करीब 80 हजार लोग दिल्ली में आवागमन करते हैं। नौकरी से लेकर व्यापार तक के लिए सोनीपत के लोगों की निर्भरता दिल्ली पर होने के चलते आवागमन लगा रहा है। ऐसे में दिल्ली के रास्ते सोनीपत में ओमिक्रॉन के पैर पसारने का खतरा मंडराने लगा है। ऐसे में सोनीपत में विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है, लेकिन उसके उलट लोग मास्क तक लगाने से परहेज कर रहे हैं। सोनीपत जिला दिल्ली से सटा हुआ है। पहले भी दिल्ली में कोरोना संक्रमण फैलने के बाद उसका सबसे अधिक असर गुरुग्राम, फरीदाबाद व सोनीपत पर पड़ा था। अब फिर से दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट पैर पसारने लगा है। इसके तेजी से बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्र में खतरा बढ़ना शुरू हो गया है। दिल्ली में जहां सोमवार तक ओमिक्रॉन वैरिएंट के 30 मरीज थे, वहीं मंगलवार को एक साथ 24 नए मरीज मिले थे। अब दिल्ली में ओमिक्रॉन वैरिएंट के मरीजों की संख्या 54 तक पहुंच गई है। इससे पहले भी दिल्ली के कारण सोनीपत में कोरोना संक्रमण का असर काफी दिखाई दिया था। जिले में कोरोना के प्रति लोग लगातार लापरवाही बरत रहे हैं। बचाव के लिए नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। शहर के बाजारों में लोग बिना मास्क लगाए घूम रहे हैं। मार्केट में आने वाले लोग किसी तरह की सामाजिक दूरी का पालन नहीं कर रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीज व उनके तीमारदार भी लापरवाही बरत रहे हैं। पुलिस विभाग की ओर से बिना मास्क लगाने वालों के चालान किए जा रहे हैं, उसके बावजूद बरती जा रही लापरवाही लोगों के लिए भारी पड़ सकती है।
धरने प्रदर्शन अब भी जारी, सामाजिक दूरी के नियम हो रहे दरकिनार
प्रदेश में धरने प्रदर्शन जारी है। कहीं मांगों को लेकर आंगनबाड़ी वर्कर प्रदर्शन कर रहीं हैं तो कहीं 134ए के तहत दाखिले न मिलने से परेशान अभिभावक प्रदर्शन कर रहे हैं। एक तरफ अभी कोरोना का खतरा टला नहीं है दूसरी ओर ओमिक्रॉन वैरिएंट ने चिंता बढ़ा दी है। ऐसे में धरने प्रदर्शनों में सामाजिक दूरी को दरकिनार करना और मास्क न लगाना भारी पड़ सकता है।
हरियाणा में 99 फीसदी स्वास्थ्य कर्मियों ने पहली और 97 फीसदी ने ली दोनों खुराक
हरियाणा में कोविड 19 से बचाव के लिए 99 प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मियों ने पहली और 97 फीसदी ने दोनों खुराक ली हैं। साथ ही अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता को पहली खुराक 103 प्रतिशत और दूसरी खुराक 106 प्रतिशत टीकाकरण हो चुका है। एक सवाल के जवाब में सदन में स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक को पहली खुराक 92 प्रतिशत और दूसरी खुराक 69 प्रतिशत, 45 से 60 वर्ष को पहली खुराक 88 प्रतिशत और दूसरी खुराक 61 प्रतिशत, 18 से 44 वर्ष को पहली खुराक 90 प्रतिशत और दूसरी खुराक 49 प्रतिशत है। विज ने बताया कि राज्य सरकार शत प्रतिशत पात्र लाभार्थियों को टीकाकरण की दोनों खुराक देने के लिए प्रतिबद्ध है और इसी कड़ी में 16 दिसंबर तक कुल पहली खुराक 1,90,36,049 (92 प्रतिशत), कुल दूसरी खुराक 1,17,01,925 (57 प्रतिशत) और कुल 3,07,97,974 खुराक दी गई। वहीं गुरुग्राम कोरोना के खिलाफ सौ प्रतिशत टीकाकरण लक्ष्य हासिल करने वाला हरियाणा व एनसीआर का पहला जिला बन गया है। यहां 128 प्रतिशत पात्र आबादी को पहली व 100 प्रतिशत पात्र लोगों को कोरोनारोधी वैक्सीन की दूसरी डोज लगाई जा चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने बताया कि भविष्य में बच्चों को लगने वाले कोरोना के टीके के लिए 0 से 6 वर्ष व 06 वर्ष से 18 वर्ष की आयु तक के बच्चों का डाटा एकत्रित किया जा रहा है।
कोरोना को लेकर हरियाणा सरकार सख्त
हरियाणा में कोरोना वैक्सीन नहीं लगवाने पर अब एक जनवरी से कार्रवाई होगी। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान यह अहम जानकारी दी है। विज ने कहा कि वैक्सीन की दोनों खुराक नहीं लगवाने वाले व्यक्तियों को बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन, मॉल्स और होटल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
