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वायनाड से राहुल गांधी का दिल का रिश्ता, याद आता होगा 28 साल पुराना वो पल

Thu, 04 Apr 2019 06:09 PM IST
Prabudhh Jain चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Prabudhh Jain Updated Thu, 04 Apr 2019 06:09 PM IST
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Lok sabha election 2019 Rahul Gandhi wayanad Rajiv Gandhi Congress General election
वायनाड सीट से अपना नामांकन दाखिल करते राहुल गांधी
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को केरल के वायनाड लोकसभा सीट से नामांकन दाखिल किया। इस जगह से गांधी परिवार का पुराना एवं भावनात्मक रिश्ता रहा है। कहा जा रहा है कि इसी वजह से राहुल गांधी ने वायनडा को चुना है। राहुल गांधी वायनाड के अलावा अमेठी से भी चुनाव लड़ रहे हैं। वायनाड के जरिए राहुल केरल के साथ ही दक्षिण के दूसरे प्रदेशों तमिलनाडु एवं कर्नाटक को भी साधने के फिराक में हैं। आइए जानते हैं गांधी परिवार का वायनाड से क्या भावनात्मक रिश्ता है...

 
Lok sabha election 2019 Rahul Gandhi wayanad Rajiv Gandhi Congress General election
- फोटो : ANI
वायनाड से गांधी परिवार का राजनीतिक ही नहीं, भावनात्मक रिश्ता भी जुड़ा है। इस जगह पर राहुल गांधी के पिता स्वर्गीय राजीव गांधी की अस्थियां विसर्जित की गईं थीं। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की 1991 में हत्या हुई थी। उनकी हत्या के बाद केरल के पूर्व मुख्यमंत्री के. करुणाकरन ने वायनाड के पापनाशिनी नदी में राजीव गांधी की अस्थियों को विसर्जित किया था। 
Lok sabha election 2019 Rahul Gandhi wayanad Rajiv Gandhi Congress General election
- फोटो : पीटीआई
उस वक्त पिता की अस्थियों को पापनाशिनी नदी में विसर्जित करने के लिए राहुल गांधी खुद गए थे। वे पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के साथ वायनाड गए थे। राहुल गांधी ने पिता राजीव गांधी की अस्थियों के साथ पहले थिरुनेल्ली मंदिर में पूजा की। इसके बाद वे करुणाकरन के साथ  वायनाड की पापनाशिनी नदी में राजीव गांधी की अस्थियां विसर्जित करने के लिए गए। 
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Lok sabha election 2019 Rahul Gandhi wayanad Rajiv Gandhi Congress General election
- फोटो : PTI
कहा जाता है कि 1991 में कांग्रेसी नेता के. करुणाकरन ने राजीव गांधी की अस्थियों के जरिए केरल में कांग्रेस की जमीं को मजबूत किया और पार्टी के पक्ष में माहौल बनाया। इसका राजनीतिक फायदा भी मिला और 1991 के लोकसभा और विधानसभा चुनाव में वामपंथी दलों के नेतृत्व वाले एलडीएफ का प्रदेश से पूरी तरह सफाया हो गया। केरल की सत्ता में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ की वापसी हुई।
 
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Lok sabha election 2019 Rahul Gandhi wayanad Rajiv Gandhi Congress General election
- फोटो : अमर उजाला

अब एक बार फिर राहुल गांधी उसी वायनाड से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। उन्होंने इस जगह को अपनी रणभूमि के तौर पर चुना है। यह ऐसी जगह है जो केरल के साथ ही तमिलनाडु और कर्नाटक से भी सटी हुई है। इससे दक्षिण के राज्य सध सकते हैं। अब देखना यह है कि क्या वायनाड राहुल गांधी के सिर पर जीत का ताज पहनाएगा या नहीं? 

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