दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले के जैनापोरा इलाके में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच 14 घंटे की घेराबंदी और मुठभेड़ में चार आतंकियों को मार गिराया गया। सूत्रों के अनुसार, मारे गए दहशतगर्द आतंकी संगठन अंसार गजवा-तुल-हिंद (एजीएच) से जुड़े थे। सुरक्षाबलों को जिले के जैनापोरा के मेलहूरा गांव में कुछ आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिली थी। इस पर मंगलवार रात करीब नौ बजे सेना की 55 राष्ट्रीय राइफल्स, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप के जवानों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया।
शोपियांः मारे गए आतंकियों के साथ खात्मे की ओर अंसार गजवा-तुल-हिंद, जवानों ने चारों को ऐसे किया ढेर
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घेरा सख्त होता देख एक मकान में छिपे आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मुंहतोड़ जवाब दिया लेकिन ऑपरेशन को रात में स्थगित कर दिया गया। आतंकी अंधेरे का फायदा उठाकर भाग न पाएं, इसके लिए इलाके में फ्लड लाइट्स लगा दी गईं। बुधवार तड़के एक बार फिर ऑपरेशन शुरू किया गया। इस दौरान आतंकियों ने भागने के लिए फायरिंग की, जिससे दोबारा मुठभेड़ शुरू हो गई। सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में चार आतंकी मारे गए।
सूत्रों के मुताबिक, मारे गए आतंकी हिजबुल मुजाहिदीन, जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा को छोड़कर एजीएच में शामिल हुए थे। इनकी शिनाख्त निकलूरा पुलवामा के बशारत अहमद शाह, वकील अहमद डार, खसीपोरा शोपियां के तारिक अहमद भट और चेसती कॉलोनी बारामुला के उजैर अमीन भट के तौर पर हुई है।
आतंकी बशारत अहमद शाह मई 2018 में लश्कर में, वकील अहमद डार 16 जुलाई 2019 को जैश में, तारिक अहमद भट मई 2018 और उजैर अमीन भट 2 जुलाई 2019 को हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हुआ था। इनमें से केवल तारिक ए कैटेगरी का आतंकी था। बाकी सभी सी कैटेगरी के थे। मारे गए इन आतंकियों के साथ ही अब अंसार गजवा-तुल-हिंद खात्मे की कगार पर है। सूत्रों का कहना है कि इस आतंकी संगठन में अब गिने-चुने आतंकवादी ही बचे हैं।
उधर, आईजीपी कश्मीर कश्मीर विजय कुमार ने कहा है कि मुठभेड़ में मारे गए सभी आतंकियों के डीएनए सैंपल लिए हैं। मारे गए एक आतंकी का परिवार सामने आया है, उन्हें शव दिखाया जाएगा। अगर वे शव को पहचानते हैं तो परिवार के दो-तीन सदस्यों को उसका अंतिम संस्कार करने की अनुमति दी जाएगी। जो लोग बाद में दावा करेंगे, उनके डीएनए सैंपल लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।