डायबिटीज रोगियों के लिए अपने आहार का चयन करना हमेशा से बड़ी चुनौती रही है। अधिक शर्करा वाली चीजों के सेवन से ब्लड शुगर लेवल बढ़ने का खतरा रहता है, ऐसे में स्वास्थ्य विशेषज्ञ मधुमेह रोगियों को अपने लिए सब्जियों-फलों का चयन करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह देते हैं। विशेषरूप से आप किन फलों का सेवन करते हैं, इसका ख्याल रखना बहुत आवश्यक हो जाता है। इस बात को ध्यान में रखते हुए एक सवाल सभी लोगों के मन में बना रहता कि क्या डायबिटीज रोगी सेब खा सकते हैं? इसका कारण यह है कि वैसे तो सेब प्राकृतिक रूप से पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं लेकिन इसका स्वाद मीठा होता है?
Diabetic Patient Diet: क्या डायबिटीज रोगी खा सकते हैं सेब? जानिए इस फल से सेहत को होने वाले अद्भुत स्वास्थ्य लाभ
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डायबिटीज रोगियों के लिए सेब
आहार विशेषज्ञों का कहना है कि सेब, डायबिटीज रोगियों के लिए फायेदमंद फल हो सकता है। वैसे तो सेब में कार्बोहाइड्रेट अधिक होता है, लेकिन इसमें पाई जाने वाली हाई फाइबर की मात्रा आपके लिए विशेष लाभकारी हो सकती है। अध्ययन से पता चलता है सेब में मौजूद फ्रुक्टोज फाइबर के कारण रक्त शर्करा का स्तर प्रभावित नहीं होता है। सेब ग्लाइसेमिक इंडेक्स के मामले में भी डायबिटीज रोगियों के लिए उचित माना जाता है। सेब का ग्लाइसेमिक इंडेक्स 36 होता है जो इसे डायबिटीज रोगियों के लिए उपयुक्त फल बनाता है।
यह शरीर के लिए कई अन्य तरीक से भी लाभकारी फल माना जाता है।
सेब से न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य लाभ
न्यूरोलॉजिकल स्वास्थ्य समस्याओं के लिए भी सेब का सेवन करना लाभकारी हो सकता है। साल 2019 के एक प्रयोगशाला अध्ययन के निष्कर्ष में शोधकर्ताओं ने पाया कि सेब में क्वेरसेटिन नामक एक कैमिकल कंपाउड पाया जाता है जो न्यूरोप्रोटेक्टिव प्रभाव के लिए जाना जाता है। यह उम्र से संबंधित न्यूरॉन हानि को रोकने में मदद कर सकता है। कुछ अध्ययन बताते हैं कि सेब खाने वाले लोगों में अल्जाइमर रोग का जोखिम कम होता है।
कोलेस्ट्रॉल का कम होता है खतरा
साल 2013 के एक अध्ययन में पाया गया कि सेब लिपोप्रोटीन कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम कर सकता है, हालांकि सेब का जूस पीने से इस तरह के प्रभाव नहीं देखे गए हैं। अध्ययन में लेखकों ने निष्कर्ष निकाला कि सेब में फाइबर होता है जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है। हालांकि अगर सेब को छिलके सहित खाया जाए तो इससे और अधिक अच्छे परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
मोटापे का कम होता है खतरा
साल 2019 में किए गए एक अध्ययन के अनुसार, सेब में बायोएक्टिव यौगिक होते हैं जो आंत के स्वस्थ बैक्टीरिया को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं। यह मोटापे से ग्रस्त लोगों के स्वास्थ्य पर अच्छा प्रभाव डाल सकता है। अध्ययन के निष्कर्ष में पाया गया कि सेब का सेवन मोटापे के जोखिम को कम करने के साथ, पहले से ही मोटापे के शिकार लोगों की सेहत को सुधारने में मदद कर सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सुझाव के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।