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कोरोनाकाल में बच्चे हो रहे अवसाद का शिकार, इस तरह करें पहचान

लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: तेजस्वी मेहता Updated Sat, 03 Apr 2021 04:42 PM IST
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children are suffering from depression in this pandemic in hindi
बच्चों में अवसाद और तनाव दिन-ब-दिन बढ़ रहा है - फोटो : Social Media

कोरोनाकाल दुनिया के लिए ऐसा समय है, जिसको लेकर हर कोई चिंतित है। बड़े ही नहीं बच्चे भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। भले ही कोरोना बच्चों को इतनी आसानी से चपेट में नहीं ले पा रहा है लेकिन उनमें यह समय नई समस्या पैदा कर रहा है। हालांकि इस समस्या की ओर किसी का भी ध्यान नहीं है लेकिन इसे गंभीरता से लेना बहुत जरूरी है। बच्चों में अवसाद और तनाव दिन-ब-दिन बढ़ रहा है जिसके लक्षणों को वे स्वयं भी नहीं पहचान पा रहे हैं। अगली स्लाइड्स से न्यूयॉर्क से मनोवैज्ञानिकों से जानें इस विषय की विस्तृत जानकारी। 

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इसकी पहचान आसानी से नहीं हो सकती - फोटो : Social media

बच्चों का अवसाद चिंता का विषय है
बच्चों में बढ़ रहे अवसाद और तनाव को लेकर समस्या यह आ रही है कि बड़ों की तरह बच्चों और किशोरों में इसकी पहचान आसानी से नहीं हो सकती। उनका व्यवहार और बदलते रवैये को पकड़ पाना इतना आसान नहीं है इसलिए परिजन के साथ-साथ चिकित्सकों के लिए भी यह चिंता का विषय है। वे समझ नहीं पा रहे हैं कि ऐसी स्थिति में बच्चों की सहायता किस प्रकार की जाए।

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बच्चों में एंक्जायटी डिसऑर्डर्स भी दिखाई दे रहे हैं - फोटो : amar ujala

इस तरह का अवसाद, अच्छी बात नहीं
न्यूयॉर्क के चाइल्ड माइंड इंस्टीट्यूट में क्लीनिकल सायकोलॉजिस्ट रेचेल बुशमैन का कहना है बच्चों में अवसाद और चिंता का होना बिल्कुल भी अच्छी बात नहीं है क्योंकि हम बचपन को मासूमियत से जोड़कर देख रहे हैं। 6-12 साल के बच्चों की उम्र तो खेलने- कूदने की उम्र है, इस उम्र में गंभीर डिप्रेशन दिखने लगा है। वहीं बच्चों में एंक्जायटी डिसऑर्डर्स भी दिखाई दे रहे हैं। 

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3 साल तक के बच्चों में भी अवसाद दिख रहा है, - फोटो : सोशल मीडिया

बहुत छोटे बच्चों में भी दिख रहा है अवसाद
एनवाईयू लैंगो हेल्थ में चाइल्ड एंड एडलोसेंट सायकेट्री की प्रमुख डॉ. हेलेन एगर की ताजा स्टडी के मुताबिक 3 साल तक के बच्चों में भी अवसाद दिख रहा है, जो कि बिल्कुल भी अच्छा संकेत नहीं है। बच्चों में चिड़चिड़ापन और गुस्सा गहरे अवसाद के लक्षण हो सकते हैं। यही वजह है कि उनके मन में खुदकुशी के ख्याल आने लगते हैं।

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वे चिड़चिड़े होने लगते हैं - फोटो : अमर उजाला

इस तरह पहचानें लक्षण
पिट्सबर्ग यूनिवर्सिटी में सायकेट्री की प्रोफेसर मारिया कोवाक्स बच्चों में होने वाले इस अवसाद के संबंध में कहती हैं कि बच्चों में अवसाद के लक्षणों के रूप में दुख नहीं दिखता है, बल्कि वे चिड़चिड़े होने लगते हैं। इन लक्षणों को बड़े ही पहचान सकते हैं। साथ ही यदि जो चीजें वे नियमित रूप से करते हैं, अगर नहीं कर रहे हैं तो संभव है कि वह अवसाद का शिकार हो गए हैं। 

 

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