देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर बेहद ही खतरनाक साबित हुई है, जिसमें हर रोज लाखों लोग संक्रमित हो रहे हैं और हजारों लोगों की जान जा रही है। हालांकि थोड़ी राहत की बात ये है कि लाखों की संख्या में मरीज कोरोना से ठीक भी हो रहे हैं। विशेषज्ञ यह बहुत पहले से कहते आ रहे हैं कि कुछ विशेष प्रकार की बीमारियों से पीड़ित लोगों को कोरोना से गंभीर रूप से बीमार होने का खतरा ज्यादा होता है। अब विश्व स्वास्थ्य संगठन का कहना है कि धूम्रपान करने वाले लोगों को गंभीर संक्रमण की संभावना 1.5 गुना अधिक होती है और यह एक अच्छा कारण है कि आप धूम्रपान न करें।
सावधान: धूम्रपान करने वालों में 1.5 गुना अधिक होती है गंभीर कोरोना संक्रमण की संभावना, डब्ल्यूएचओ का दावा
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कुछ महीने पहले ब्रिटेन के स्वास्थ्य सचिव मैट हैनकॉक ने भी धूम्रपान को लेकर चेतावनी दी थी कि पहले हुए शोधों में यह स्पष्ट हो चुका है कि धूम्रपान कोरोना वायरस के प्रभाव को बदतर बना देता है। इसी साल जनवरी में एक शोध रिपोर्ट आई थी, जिसमें यह दावा किया गया था कि अधिक धूम्रपान करने वालों के कोरोना से मौत की संभावना 89 फीसदी अधिक होती है। ओहियो और फ्लोरिडा के द क्लीवलैंड क्लिनिक के चिकित्सक 7,000 से अधिक कोरोना मरीजों का विश्लेषण करने के बाद इस नतीजे पर पहुंचे थे।
क्यों धूम्रपान करने वालों को कोरोना से ज्यादा खतरा होता है?
- विशेषज्ञ कहते हैं कि धूम्रपान प्रतिरक्षा तंत्र को बुरी तरह प्रभावित करता है, जिससे किसी भी तरह के संक्रमण से लड़ना मुश्किल हो जाता है। उनके मुताबिक, धूम्रपान करने से फेफड़े की बीमारी का भी काफी खतरा बढ़ जाता है और ये तो आप जान ही गए हैं कि महामारी की दूसरी लहर में कोरोना फेफड़ों को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दे रहा है, जिससे सांस लेने में कठिनाई होने लगती है और मरीजों की मौत तक हो जाती है।
क्या धूम्रपान से कम हो जाता है कोरोना वैक्सीन का असर?
- हाल ही में अमर उजाला से एक खास बातचीत के दौरान कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत सिंह ओबेरॉय ने बताया था कि कोरोना वैक्सीन लेने के बाद लोगों को कुछ महीनों तक बिल्कुल भी धूम्रपान नहीं करना चाहिए, क्योंकि सिगरेट से निकलने वाला टार वैक्सीन से बनी एंटीबॉडीज को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में वैक्सीन लेने वालों को कुछ दिनों तक किसी भी तरह के तंबाकू उत्पादों का सेवन नहीं करना चाहिए।
शराब को लेकर क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
- विशेषज्ञ कहते हैं कि वैक्सीन लेने के बाद दो हफ्ते तक शराब का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि अल्कोहल टी-कोशिकाओं को प्रभावित कर देता है, जिसकी वजह से लिवर में सूजन की समस्या हो सकती है। इसके अलावा अल्कोहल, वैक्सीन के प्रभाव को भी धीमा कर सकता है।
स्रोत एवं संदर्भ:
Smokers are 1.5 times more likely to get severe COVID-19
https://www.facebook.com/WHO
नोट: यह लेख विश्व स्वास्थ्य संगठन के फेसबुक पेज पर दी गई जानकारी और एम्स में कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. अजीत सिंह ओबेरॉय से बातचीत और डॉ. अरविंदर सिंह सोइन के सुझावों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

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