Important Medical Test For Healthy Body: 25 साल की उम्र पार करते ही हमारा शरीर धीरे-धीरे जैविक परिवर्तनों के दौर से गुजरने लगता है। अक्सर हम बाहरी सुंदरता पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन आंतरिक अंगों की कार्यक्षमता और उम्र बढ़ने की रफ्तार को नजरअंदाज कर देते हैं। हाल ही में डॉक्टर शालिनी सिंह सोलंकी ने सोशल मीडिया पर एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया है कि अगर आपकी उम्र 25 वर्ष या उससे अधिक है, तो ये आपको पांच टेस्ट जरूर कराने चाहिए।
Health Tips: 25 के बाद ये पांच टेस्ट कराने का डॉक्टर ने दिया सुझाव, तीन तो आप घर पर ही कर सकते हैं
Health Tests For 25 Year Olds: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में अक्सर ये देखने को मिलता है कि बहुत से लोग कम उम्र में ही कई बड़ी बीमारियों से परेशान होने लगते हैं। ऐसे में आप कुछ सरल जांच कराके पता लगा सकते हैं कि कहीं आपको भी तो भविष्य में किसी बीमारी का जोखिम नहीं है।
कौन-से तीन जांच घर ही कर सकते हैं?
डॉक्टर शालिनी ने घर पर ग्रिप स्ट्रेंथ जांचने की सलाह दी है, क्योंकि कमजोर पकड़ शरीर की कमजोरी और 'स्लो एजिंग' का बड़ा संकेत है। दूसरा है सिट टू स्टैंड टेस्ट, जिसमें आपको देखना है कि 30 सेकंड में आप बिना हाथ लगाए कितनी बार उठ-बैठ सकते हैं, अगर ऐसा करने में परेशानी हो रही है तो ये आपकी कमजोर मांसपेशियों को दर्शाती है।
तीसरा टेस्ट वेस्ट टू हिप रेशियो है, जो बताता है कि कमर और हिप्स का अनुपात कितना है, इसका अधिक होना हार्ट रोगों और क्रोनिक इन्फ्लेमेशन के जोखिम को बढ़ाता है।
कौन-से टेस्ट के लिए लैब जानें की जरूरत है?
चौथा महत्वपूर्ण टेस्ट HbA1c है, जो पिछले तीन महीनों के औसत ब्लड शुगर लेवल को मापता है। अगर यह लेवल 5.7 से ऊपर है, तो इसका मतलब है कि आपकी 'बायोलॉजिकल एजिंग' (जैविक उम्र) तेजी से बढ़ रही है। पांचवां टेस्ट CRP (C-रिएक्टिव प्रोटीन) है, जो शरीर के भीतर 'लो ग्रेड क्रोनिक इन्फ्लेमेशन' का सबसे सटीक मार्कर है। यह सूजन ही भविष्य में कैंसर, डायबिटीज और हार्ट संबंधी बीमारियों की जड़ बनती है।
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मेटाबॉलिज्म को फास्ट करने के 4 प्रभावी तरीके
लंबी उम्र तक स्वस्थ और एनर्जेटिक बने रहने के लिए अपने मेटाबॉलिज्म को इन तरीकों से सुधारें-
- स्ट्रेंथ ट्रेनिंग: सप्ताह में कम से कम 3 दिन मांसपेशियों को मजबूत बनाने वाले व्यायाम करें, क्योंकि अधिक मसल मास होने से मेटाबॉलिज्म हमेशा एक्टिव रहता है।
- प्रोटीन युक्त आहार: भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं, जो मेटाबॉलिज्म को तेज करने और शरीर की मरम्मत करने के लिए जरूरी है।
- पर्याप्त नींद: रोजाना 7-8 घंटे की गहरी नींद लें, क्योंकि नींद की कमी हार्मोनल असंतुलन पैदा कर मेटाबॉलिज्म को सुस्त कर देती है।
- हाइड्रेटेड रहें और तनाव कम करें: भरपूर पानी पिएं और मेडिटेशन करें, ताकि तनाव हार्मोन 'कोर्टिसोल' मेटाबॉलिक रेट को प्रभावित न कर सके।
समय पर जांच ही सुरक्षा की कुंजी है
इन पांच टेस्ट के रिजल्ट के आधार पर आप अपनी जीवनशैली में सही समय पर सुधार कर सकते हैं। डॉक्टर शालिनी के सुझावों को अपनाकर आप न केवल बीमारियों को रोक सकते हैं, बल्कि अपने बुढ़ापे को भी लंबे समय तक टाल सकते हैं। स्वास्थ्य केवल दवाओं में नहीं, बल्कि सतर्कता और नियमित जांच में छिपा है। आज ही अपने शरीर की क्षमता को समझें और एक लंबी, निरोगी जिंदगी की शुरुआत करें।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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