इबोला इन दिनों वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों के लिए गंभीर चिंता का कारण बना हुआ है। 15 मई 2026 को इबोला के मौजूदा प्रकोप की आधिकारिक तौर पर घोषणा की गई थी। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो फिलहाल इससे सबसे ज्यादा प्रभावित देश है, पर कई अन्य देशों में भी लगातार इबोला का जोखिम और डर देखा जा रहा है।
Ebola Outbreak: इबोला प्रकोप को लेकर दुनियाभर में चिंता, डब्ल्यूएचओ ने क्या कहा और भारत में क्या तैयारियां?
कांगो और युगांडा में लगातार सामने आ रहे मामलों के बीच यूरोप में भी संक्रमण की पुष्टि ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। हालांकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) का कहना है कि फिलहाल वैश्विक स्तर पर इसका जोखिम कम बना हुआ है। आइए जानते हैं कि संक्रमण की रोकथाम के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
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फ्रांस में इबोला का मामला
डब्ल्यूएचओ प्रमुख टेड्रोस एडनोम घेब्येयियस ने फ्रांस में इबोला का केस सामने आने के बाद एक बार फिर से सभी लोगों को अलर्ट किया है। हालांकि उन्होंने कहा, वैश्विक स्तर पर संक्रमण का खतरा कम बना हुआ है।
- कांगो से लौटे एक डॉक्टर में इबोला का मामला रिपोर्ट किया गया था, अफ्रीकी महाद्वीप के बाहर रिपोर्ट किए गए घातक रक्तस्रावी बुखार का ये पहला मामला है।
एक रिपोर्ट के मुताबिक इबोला के पहले कन्फर्म केस के तौर पर पहचान किए गए डॉक्टर की तबीयत फ्लाइट के दौरान ही खराब हो गई, जबकि प्लेन में चढ़ते समय उनमें कोई लक्षण नहीं थे। इससे एक देश से दूसरे देश में बीमारी फैलने को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।
नई पाबंदियों के तहत, अगर किसी व्यक्ति की पहचान इबोला के कन्फर्म या संदिग्ध मरीज के संपर्क में आए व्यक्ति के तौर पर होती है, तो उसे 21 दिनों तक एक्टिव हेल्थ मॉनिटरिंग से गुजरना होगा। फ्रांस में इबोला की पुष्टि वाले डॉक्टर को क्वारंटाइन में रखा गया है।
भारत में इबोला का जोखिम
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, इबोला की रिपोर्ट्स पर नजर डालें तो पता चलता है कि कन्फर्म मामलों की संख्या हर हफ्ते बढ़ रही है, जो कम्युनिटी ट्रांसमिशन का संकेत है। अगर सार्वजनिक स्वास्थ्य के उपाय तुरंत लागू नहीं किए गए तो संक्रमण का फैलाव और तेज हो सकता है।
जारी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं के बीच भारत में संक्रमण के खतरे को लेकर अलर्ट है। फिलहाल यहां इबोला का कोई भी केस रिपोर्ट नहीं किया गया है। यहां विदेश से आने वाले यात्रियों की एयरपोर्ट पर ही जांच की जा रही है। संभावित लक्षण वाले मरीजों के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था की गई है।
हाल ही में अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने जानकारी दी थी कि दक्षिण सूडान से लौटी एक महिला को केरल के कोट्टायम मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया था। देश में इससे पहले भी इबोला के संदिग्ध मामलों की खबरें आती रही हैं।
(इबोला का बढ़ता कम्युनिटी ट्रांसमिशन, 30 लाख बच्चों की सेहत खतरे में; यूनिसेफ ने जारी किया अलर्ट)
संक्रमण की रोकथाम के लिए 'एयर सुविधा 2.0'
इबोला आउटब्रेक को लेकर भारत भी अलर्ट पर है। यहां विदेश से आने वालों की गंभीरता से निगरानी की जा रही है। भारत ने एयरपोर्ट पर निगरानी मजबूत करने के लिए 'एयर सुविधा 2.0'।
इस कॉन्टैक्टलेस डिजिटल प्लेटफॉर्म के तहत, विदेश से आने वाले सभी यात्रियों को यात्रा शुरू करने से पहले ऑनलाइन हेल्थ सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म भरना होगा। यह कदम डब्ल्यूएचओ के उस फैसले के बाद उठाया गया है जिसमें उसने मध्य अफ्रीका में फैले इस आउटब्रेक को 'ग्लोबल हेल्थ इमरजेंसी' घोषित किया है।
'एयर सुविधा 2.0' नाम का यह पोर्टल 25 जून को लॉन्च किया गया था और यह किसी भी देश से भारत आने वाले सभी यात्रियों पर लागू होता है, जिसमें यूएआ से यात्रा करने वाले बड़ी संख्या में भारतीय भी शामिल हैं, जहां से भारतीय शहरों के लिए रोजाना सीधी उड़ानें चलती हैं।
संक्रमण की रोकथाम को लेकर सावधानी
दक्षिण सूडान समेत कांगो और युगांडा की सीमा से लगे देशों को संक्रमण के और फैलने के लिहाज से ज्यादा जोखिम वाले देशों के तौर पर चिह्नित किया गया है। भारत के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने कहा कि यह पोर्टल आने वाले यात्रियों और एयरपोर्ट के कर्मचारियों, दोनों की सुरक्षा के लिए और पूरी प्रक्रिया को कॉन्टैक्टलेस (बिना संपर्क के) रखने के मकसद से शुरू किया गया है।
जारी जोखिमों के बीच एक अन्य रिपोर्ट में डब्ल्यूएचओ के अधिकारी अब्दिरहमान महामुद ने कहा, ज्यादा से ज्यादा समुदाय इबोला के खतरे को लेकर जागरूक हो रहे हैं और खुद को बचाने और सुरक्षित रखने के लिए जरूरी चीजें मांग रहे हैं। अभी ऐसा माना जाता है कि कांगों का शहर इतुरी संक्रमण का मुख्य केंद्र है।
ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिक इस दुर्लभ ‘बुंडीबुग्यो' स्ट्रेन के खिलाफ वैक्सीन बनाने पर काम कर रहे हैं लेकिन क्लीनिकल ट्रायल के लिए वैक्सीन तैयार होने में अभी कम से कम एक महीने का और समय लगेगा।
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स्रोत:
French man fell ill with Ebola while on flight from Democratic Republic of Congo, sparking new outbreak fears
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