गर्मियों में खान-पान को लेकर सावधानी बहुत जरूरी है, इसमें जरा सी भी लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। झारखंड के एक स्कूल से ऐसा ही मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां गढ़वा जिले स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) के हॉस्टल की 100 से ज्यादा छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई।
Jharkhand: टंकी का पानी पीने से 100 से ज्यादा छात्राएं बीमार, गर्मियों में दूषित या गर्म पानी क्यों खतरनाक?
झारखंड में हॉस्टल में रहने वाली 100 से ज्यादा छात्राओं की तबीयत अचानक खराब हो गई। बताया जा रहा है कि छात्राओं ने स्कूल की ओवरहेड पानी की टंकी का पानी पिया था, जिसके बाद वे बीमार पड़ गईं।
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छात्राओं की सेहत बिगड़ने के बाद एक्शन
गर्म पानी पीने के कुछ समय बाद कई छात्राओं ने पेट दर्द, उल्टी, चक्कर आना और कमजोरी जैसी दिक्कतों की शिकायत शुरू कर दी।
- जिला स्तर पर हुई शुरुआती जांच में स्कूल प्रबंधन की पहली नजर में लापरवाही सामने आई।
- स्कूल परिसर और रसोई की साफ-सफाई बेहद खराब थी। हॉस्टल में आरओ लगा है, लेकिन छात्राओं को उसका इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जाती थी।
- स्कूल के खाने और पानी के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि छात्राओं की तबीयत खराब होने की असली वजह क्या थी।
फिलहाल माना जा रहा है कि गर्म या दूषित पानी पीने की वजह से ये दिक्कत हुई है।
गर्मियों में सामान्य तापमान का साफ पानी पीना शरीर के लिए सबसे बेहतर माना जाता है। लेकिन यदि पानी लंबे समय तक धूप के संपर्क में आकर गर्म हो जाए, तो उसे पीना कई तरह की परेशानियों का कारण बन सकता है।
- वैसे तो सिर्फ गर्म पानी होने से वह अपने आप नुकसानदायक नहीं बन जाता।
- लेकिन यदि पानी का तापमान बहुत अधिक हो और वह लंबे समय तक टंकी में रखा रहे, तो उसमें बैक्टीरिया बढ़ने का खतरा बढ़ सकता है।
- खासकर टंकी का पानी पीने से सेहत को नुकसान हो सकता है क्योंकि टंकी की सफाई नियमित रूप से नहीं की जाती है।
टंकी का पानी पीना सेहत के लिए खतरनाक
ओवरहेड टंकी का पानी पीना सुरक्षित नहीं माना जाता है। टंकी की नियमित सफाई न होने, ढक्कन अच्छी तरह बंद न होने और उसमें किसी प्रकार की गंदगी या दूषित पदार्थ के कारण सेहत को खतरा हो सकता है। टंकी की सफाई महीनों तक न हो, तो उसमें धूल, मिट्टी, काई , कीड़े-मकोड़े, पक्षियों की बीट या बैक्टीरिया जमा हो सकते हैं। गर्म मौसम में ये सूक्ष्मजीव तेजी से बढ़ सकते हैं।
- यदि ऐसी टंकी से बिना फिल्टर या उबाले पानी पिया जाए, तो संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
- कई बार पानी की पाइपलाइन में लीकेज होने पर गंदा पानी भी टंकी तक पहुंच सकता है, जिससे जल दूषित हो सकता है।
दूषित पानी कई बीमारियों का घर
दूषित पानी कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है।
- दूषित पानी पीने से डायरिया (बार-बार पतले दस्त), हैजा, टाइफाइड, हेपेटाइटिस ए और ई जैसी बीमारियां हो सकती हैं।
- छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोगों में ये संक्रमण अधिक गंभीर रूप ले सकते हैं।
- यदि दूषित पानी के कारण लगातार उल्टी और दस्त हों, तो शरीर से पानी और जरूरी मिनरल्स तेजी से निकल जाते हैं। इससे डिहाइड्रेशन हो सकता है, जो गंभीर स्थिति में जानलेवा भी बन सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।