क्या आपके साथ भी ऐसा होता है कि आप कोई चीज लेने गए हों, लेकिन वहां पहुंचकर ही भूल जाएं कि आखिर लेने क्या आए थे? किसी का नाम जुबान पर आकर भी याद न आए या फिर दिनभर ऐसा महसूस हो कि दिमाग किसी धुंध में घिरा हुआ है। कभी-कभार ऐसा होना तो सामान्य है, स्ट्रेस-एंग्जाइटी के कारण ये दिक्कतें हो सकती हैं। लेकिन यदि यह समस्या बार-बार होने लगे तो इसे नजरअंदाज करना सही नहीं है।
Brain fog: सबकुछ लग रहा है कंफ्यूजिंग और बार-बार भूल जाते हैं चीजें? कहीं ये ब्रेन फॉग तो नहीं
ब्रेन फॉग कोई बीमारी नहीं है, बल्कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें दिमाग की सोचने, याद रखने, निर्णय लेने और एकाग्र रहने की क्षमता अस्थायी रूप से प्रभावित हो जाती है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रेन फॉग के बारे में जानिए
मेडिकल रिपोर्ट्स के अनुसार लंबे समय तक बने रहने वाले मानसिक थकान, कंफ्यूजन और उलझन की समस्या के लिए ब्रेन फॉग शब्द का इस्तेमाल किया जाता है।
- अक्सर यह तनाव, ठीक से नींद न आने और शरीर में पानी की कमी जैसी समस्याओं के कारण होता है।
- कई मामलों में विटामिन की कमी या हार्मोन्स में बदलाव जैसी अंदरूनी समस्याओं के कारण भी ब्रेन फॉग की दिक्कत हो सकती है।
- ब्रेन फॉग जैसी समस्याएं थायरॉयड, एनीमिया, विटामिन-बी12 की कमी, डिप्रेशन में भी देखी जाती हैं इसलिए यदि समस्या लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से कारण की जांच कराना जरूरी है।
ब्रेन फॉग की पहचान कैसे करें?
ब्रेन फॉग के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं, लेकिन कुछ संकेत काफी सामान्य हैं।
- छोटी-छोटी बातें भूल जाना, बातचीत के दौरान सही शब्द याद न आना, काम करते समय बार-बार ध्यान भटकना, निर्णय लेने में कठिनाई होना सबसे आम लक्षण है।
- कुछ लोगों को हाल ही में पढ़ी हुई चीजें याद रखने में परेशानी होती है, जबकि कुछ लोगों को मीटिंग या बातचीत के दौरान बात समझने में ज्यादा समय लगता है।
- यदि ये लक्षण लगातार कई सप्ताह तक बने रहें और आपके दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगें, तो विशेषज्ञ से सलाह जरूर ले लें।
ब्रेन फॉग की ये बातें भी जान लीजिए
हर बार कुछ भूल जाना या ध्यान भटकना ब्रेन फॉग नहीं होता। तनाव या एक साथ कई काम करने के कारण कभी-कभी किसी बात का भूल जाना सामान्य माना जाता है। लेकिन यदि भूलने की समस्या बार-बार हो, ध्यान लगाने में लगातार परेशानी आए और मानसिक स्पष्टता कम महसूस हो, तब इसे गंभीरता से लेना चाहिए।
- ब्रेन फॉग और डिमेंशिया जैसी गंभीर स्थितियों के लक्षण भी काफी मिलते-जुलते हैं इसलिए डॉक्टर से मिलकर सही निदान कराना जरूरी हो जाता है।
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि महिलाओं में गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान हार्मोनल बदलाव के कारण भी ब्रेन फॉग जैसे लक्षण महसूस हो सकते हैं। थायरॉयड रोग, मधुमेह, एनीमिया, ऑटोइम्यून बीमारियों से जूझ रहे लोगों में भी यह समस्या होने की आशंका बढ़ जाती है।
--------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।