हजारों वर्षों पुरानी भारतीय चिकित्सा परंपरा अपने अंदर कई औषधियों को समेटे हुए है। कई बीमारियों में इनका इस्तेमाल करके लाभ पाया जाता रहा है। आयुर्वेद में कई ऐसी प्रभावी औषधियों के बारे में जिक्र मिलता है जिनका दवाइयों के रूप में भी इस्तेमाल किया जाता रहा है। शहद ऐसी ही औषधि है, जिसका इस्तेमाल करके कई प्रकार से स्वास्थ्य लाभ पाया जा सकता है।
Health Tips: इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर पाचन ठीक रखने तक, आयुर्वेद का 'मीठा अमृत' आपके लिए बहुत फायदेमंद
पाचन स्वास्थ्य से लेकर त्वचा की कई समस्याओं को दूर करने में शहद के फायदे हैं। सदियों से आयुर्वेदाचार्य इसे रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, पाचन सुधारने, गले की खराश दूर करने, घाव भरने और शरीर को ऊर्जा देने जैसी अनेक स्थितियों में उपयोग करते आए हैं।
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आयुर्वेद के वरदान है शहद
आधुनिक जीवनशैली में शहद को अक्सर सिर्फ चीनी के विकल्प के रूप में देखा जाता है। इसमें प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, सूक्ष्म पोषक तत्व और ऐसे जैव सक्रिय यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने और संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में भूमिका निभा सकते हैं। मेडिकल रिसर्च में भी शहद के कई संभावित स्वास्थ्य लाभों की पुष्टि होती है।
- शहद में एंटीऑक्सीडेंट से लेकर कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम कॉपर, पोटेशियम, मैंगनीज और जिंक जैसे महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं। ये सभी आपके स्वास्थ्य को स्वाभाविक रूप से बढ़ावा देने के लिए बहुत आवश्यक माने जाते रहे हैं।
इम्युनिटी बढ़ाती है शहद
शहद को आयुर्वेद में शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता को बेहतर बनाने वाला बताया गया है।
- अध्ययनों में भी पाया गया है कि शहद में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट, फ्लेवोनॉयड्स और फिनोलिक यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान को कम करने में भूमिका निभाते हैं।
- जब शरीर ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचा रहता है, तो प्रतिरक्षा प्रणाली बेहतर ढंग से काम कर सकती है।
पाचन की समस्या होती है दूर
पाचन की कई समस्याओं को दूर करने के लिए शहद का सेवन असरदार पाया गया है। शहद में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं जो आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम को बढ़ावा देने में मददगार हो सकते हैं। पाचन को बढ़ावा देने में मदद करने के साथ शहद एसिड रिफ्लक्स को कम करने में भी सहायक है। एक चम्मच शहद को गुनगुने पानी में मिला कर इसका सेवन करना पाचन के लिए फायदेमंद है।
सर्दी और गले की खराश में फायदेमंद
सर्दी, एलर्जी के कारण होने वाले गले में खराश को दूर करने में भी शहद का सेवन करना फायदेमंद हो सकता है। शहद के एंटी-बैक्टीरियल गुण गले के संक्रमण और सर्दी के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। शहद के सेवन से गले में खराश के कारण होने वाला दर्द और इंफ्लामेशन कम होता है। काली मिर्च के साथ एक चम्मच शहद का सेवन गले के संक्रमण को ठीक करने में लाभकारी पाया गया है।
ये फायदे भी जानिए
- यदि आप वजन कम करने की कोशिश में लगे हुए हैं तो इसके लिए भी शहद विशेष लाभप्रद हो सकता है। एक गिलास गर्म पानी में नींबू का रस और एक बड़ा चम्मच शहद मिलाकर सेवन करने से शरीर में फैट का जमाव कम होता है और इसे पेट की चर्बी को कम करने में काफी असरकारक माना जाता है।
- आयुर्वेद में शहद का बाहरी उपयोग भी लंबे समय से किया जाता रहा है। शहद घाव वाले हिस्से को नम बनाए रखने और कुछ बैक्टीरिया की वृद्धि को कम करने में मदद कर सकता है।
- अगर दिनभर थकान महसूस होती है या तुरंत ऊर्जा की जरूरत होती है, तो शहद एक प्राकृतिक विकल्प हो सकता है। इसमें मुख्य रूप से ग्लूकोज और फ्रुक्टोज जैसी प्राकृतिक शर्कराएं होती हैं, जिन्हें शरीर अपेक्षाकृत जल्दी ऊर्जा में बदल सकता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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