शरीर को स्वस्थ रखने में डाइट की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। हम जो कुछ भी खाते-पीते हैं सेहत पर उसका सीधा असर होता है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभी लोगों को नियमित रूप से पौष्टिक चीजों के सेवन की सलाह देते हैं।
Health Alert: अच्छी डाइट का मतलब सिर्फ फल-सब्जियां खाना नहीं, 80% लोगों को नहीं मिल रहा ये जरूरी न्यूट्रिशन
अमेरिका और ब्रिटेन के 30 हजार से अधिक लोगों के आहार संबंधी आंकड़ों और जैविक संकेत का विश्लेषण किया। अध्ययन में पाया गया कि 20% से भी कम लोग उस स्तर तक फ्लैवानॉल का सेवन कर रहे थे, जितनी शरीर को जरूरत होती है।
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फ्लैवानॉल वाली चीजें जरूरी
अध्ययनों से पता चलता है कि कि रंग-बिरंगे फल, हरी पत्तेदार सब्जियां,पालक, मेथी, ब्रोकली भी ऐसे प्राकृतिक यौगिकों से भरपूर होते हैं, जिन्हें फ्लैवानॉल कहा जाता है। ये सिर्फ पोषक तत्व नहीं, बल्कि शरीर की कोशिकाओं के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं।
वैज्ञानिकों का मानना है कि प्राकृतिक फ्लैवानॉल्स रक्त वाहिकाओं के कामकाज को बेहतर बनाने, शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस कम करने और दिल की सेहत को मजबूत रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
स्वस्थ रहने के लिए रोजाना फल और सब्जियां खाने की सलाह दी जाती है, लेकिन केवल मात्रा बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खाद्य पदार्थों का चयन भी महत्वपूर्ण है। ताजा अध्ययन में सामने आया कि अधिकतर लोग ऐसे खाद्य पदार्थों का सेवन नहीं कर रहे हैं जिनमें प्राकृतिक फ्लैवानॉल यौगिक पाया जाता है। यह यौगिक हृदय रोग से होने वाली मृत्यु के जोखिम को कम करता है।
अध्ययन में क्या पता चला?
यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल सहित कई अन्य यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों का यह अध्ययन फूड एंड फंक्शन में प्रकाशित हुआ है।
शोधकर्ताओं ने अमेरिका और ब्रिटेन के 30 हजार से अधिक लोगों के आहार संबंधी आंकड़ों और जैविक संकेत का विश्लेषण किया। अध्ययन में पाया गया कि 20% से भी कम लोग उस स्तर तक फ्लैवानॉल का सेवन कर रहे थे, जितनी शरीर को जरूरत होती है।
चौंकाने वाली बात यह रही कि कई लोग प्रतिदिन पांच बार फल और सब्जियां खाने के बावजूद भी पर्याप्त फ्लैवानॉल नहीं ले पा रहे थे।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
यूनिवर्सिटी ऑफ रीडिंग के प्रोफेसर गुंटर कूनले का कहना है कि दिन में पांच बार फल और सब्जियां खाने की सलाह सही है, लेकिन अब यह समझने की जरूरत है कि वे पांच विकल्प कौन से हैं। अलग-अलग फल और सब्जियां केवल विटामिन और खनिज ही नहीं, बल्कि विभिन्न जैव-सक्रिय यौगिक भी प्रदान करती हैं, जिनके स्वास्थ्य पर अलग-अलग प्रभाव हो सकते हैं।
आमतौर पर आलूबुखारा, कैनबेरी, ब्लैकबेरी, बीन, चेरी, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी आदि को फ्लैवानॉल्स का सबसे अच्छा स्रोत माना जाता है।
प्रमुख लेखक डॉ. जेवियर ओटावियानी केअनुसार लोग अक्सर मान लेते हैं कि फल और सब्जियां खाने से उन्हें सभी जरूरी पोषक तत्व मिल जाते हैं, लेकिन वास्तविकता अलग है। भोजन में कुछ विशेष फलों, सब्जियों और पेयों को शामिल करने से फ्लैवानॉल की मात्रा काफी बढ़ सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस के आधार पर तैयार किया गया है।
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