सब्सक्राइब करें

Nipah Alert: निपाह संक्रमण से पश्चिम बंगाल में एक की मौत, जानिए क्यों इसे माना जाता है बेहद खतरनाक

हेल्थ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अभिलाष श्रीवास्तव Updated Fri, 13 Feb 2026 03:22 PM IST
सार

जनवरी के शुरुआती हफ्तों में पश्चिम बंगाल में निपाह के दो मामले सामने आए थे।
अब संक्रमण से ठीक हुई नर्स की गुरुवार को मौत हो गई है। वह लंबे समय से कोमा में थी और बाद में उसके फेफड़ों में इन्फेक्शन हो गया। जानिए इस जानलेवा रोग के बारे में डब्ल्यूएचओ क्या कहता है?

विज्ञापन
first case of a Nipah virus-related death in West Bengal know why is nipah virus so deadly
निपाह संक्रमण से मौत का मामला - फोटो : Adobe Stock Photo

पिछले करीब एक-डेढ़ महीने से पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस का प्रकोप देखा जा रहा है। 13 जनवरी को अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने दो स्वास्थ्य कर्मियों (एक महिला और एक पुरुष) में निपाह की पुष्टि होने की जानकारी दी थी। अब न्यूज एजेंसी पीटीआई ने राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि निपाह वायरस संक्रमण से ठीक हो चुकी नर्स की गुरुवार को मौत हो गई है। वह लंबे समय से कोमा में थी और बाद में उसके फेफड़ों में इन्फेक्शन हो गया। गुरुवार (12 फरवरी) को एक प्राइवेट हॉस्पिटल में कार्डियक अरेस्ट से  नर्स की मौत हो गई है। 



स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जनवरी के आखिर हफ्ते में उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया था। वह निपाह संक्रमण से ठीक भी हो गई थी हालांकि संक्रमण के कारण उसमें कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं बनी हुई थीं, जिसके चलते उसकी जान चली गई। संक्रमण का शिकार रहे दूसरे स्वास्थ्य कर्मी की पहले से अस्पताल से छुट्टी हो चुकी है, उसे संक्रमण से ठीक होने के बाद डिसचार्ज कर दिया गया था।

गौरतलब है कि निपाह वायरस के संक्रमण की दर और इससे मृत्यु के खतरे, दोनों को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञ अलर्ट करते रहे हैं। संक्रमण का शिकार रहे 40-70% मरीजों की मौत हो जाती है। ताजा जानकारियों के मुताबिक पश्चिम बंगाल में संक्रमण का कोई नया मामला रिपोर्ट नहीं किया गया है।

Trending Videos
first case of a Nipah virus-related death in West Bengal know why is nipah virus so deadly
निपाह का खौफ - फोटो : Freepik.com

जनवरी में पश्चिम बंगाल में फैला था निपाह संक्रमण

जनवरी के शुरुआती हफ्तों में पश्चिम बंगाल में निपाह का खतरा बढ़ा हुआ देखा गया था। सबसे पहले दो स्वास्थ्य कर्मियों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी। पहले उन्हें आईसीयू में और फिर हालत और बिगड़ने के बाद  वेंटिलेटर पर रखा गया था।  इन मरीजों के संपर्क में आए करीब 120 लोगों को ट्रैक भी किया गया था। 
 

  • निपाह वायरस के संक्रमण को कई अध्ययनों में कोरोनावायरस से अधिक खतरनाक बताया जाता रहा है।
  • इससे संक्रमितों की हालत तेजी से बिगड़ती जाती है।
  • निपाह का संक्रमण फेफड़े और ब्रेन को भी अटैक करता है।
  • कुछ मरीजों में संक्रमण के एन्सेफलाइटिस होने के मामले भी देखे गए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
first case of a Nipah virus-related death in West Bengal know why is nipah virus so deadly
निपाह संक्रमण को माना जाता है जानलेवा - फोटो : Adobe Stock Photos

क्या कहता है डब्ल्यूएचओ?

गौरतलब है कि निपाह वायरस एक गंभीर और जानलेवा जूनोटिक रोग है, जिसका मतलब है कि ये जानवरों से इंसानों में फैलता है। मुख्य रूप से ये चमगादड़ों में पाया जाता है और जब इन चमगादड़ों द्वारा दूषित फल इंसान खा लेते हैं तो इसे संक्रमण का खतरा हो सकता है। 

भारत के अलावा हाल के दिनों में पड़ोसी देश बांग्लादेश में भी निपाह का खतरा देखा गया था। वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने एक रिपोर्ट में बताया कि भारत और बांग्लादेश में पिछले एक महीने में संक्रमण के तीन मामलों की पुष्टि हुई थी। हालांकि अब जानलेवा संक्रमण फैलने का खतरा कम हुआ है। भारत में दो और बांग्लादेश में संक्रमण का एक मामला रिपोर्ट किया गया था। फिलहाल सभी लोगों को अलर्ट रहने की जरूरत है। 

डब्ल्यूएचओ के अनुसार, जानवरों से इंसानों में फैलने वाले निपाह संक्रमण से बचाव के लिए कोई वैक्सीन नहीं है। डब्ल्यूएचओ चीफ टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस ने जिनेवा में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "पिछले कुछ हफ्तों में निपाह के मामले सुर्खियों में रहे और इसके प्रसार को लेकर चिंता पैदा हुई थी। डब्ल्यूएचओ ने इन इलाके और दुनिया भर में निपाह वायरस के फैलने के खतरे का आकलन किया और पाया कि फिलहाल ये कंट्रोल में है और इसके मामले कम है।

first case of a Nipah virus-related death in West Bengal know why is nipah virus so deadly
निपाह के मामले और इसका खतरा - फोटो : Amarujala.com

क्यों खतरनाक माना जाता है निपाह?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं,  निपाह वायरस इसलिए ज्यादा खतरनाक माना जाता है क्योंकि यह तेजी से शरीर में फैलकर दिमाग और फेफड़ों को नुकसान पहुंचाता है। कई मामलों में यह संक्रमण बहुत जल्दी गंभीर रूप ले लेता है, जिससे मरीज की जान को खतरा हो सकता है।
 

  • संक्रमित व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत, तेज खांसी और सीने में जकड़न महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में निमोनिया जैसी स्थिति बन जाती है, जिससे ऑक्सीजन लेवल गिरने लगता है। इसके साथ ही मरीज को चक्कर आना, भ्रम की स्थिति और बोलने में परेशानी भी हो सकती है।
विज्ञापन
first case of a Nipah virus-related death in West Bengal know why is nipah virus so deadly
निपाह का ब्रेन पर असर - फोटो : Freepik.com

मस्तिष्क को अटैक करता है निपाह

अध्ययनों से पता चलता है कि निपाह संक्रमण आपके मस्तिष्क को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। ये एन्सेफेलाइटिस यानी मस्तिष्क में सूजन का कारण बन सकता है। जब वायरस दिमाग तक पहुंचता है, तो इससे मरीज को दौरे पड़ सकते हैं। इसके अलावा  भ्रम, व्यवहार में बदलाव और याददाश्त कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई मामलों में मरीज कोमा की हालत में भी चला जाता है। 

  • कुछ मरीजों में संक्रमण ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक न्यूरोलॉजिकल समस्याएं बनी रहती हैं।




--------------------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।

अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें  लाइफ़ स्टाइल से संबंधित समाचार (Lifestyle News in Hindi), लाइफ़स्टाइल जगत (Lifestyle section) की अन्य खबरें जैसे हेल्थ एंड फिटनेस न्यूज़ (Health  and fitness news), लाइव फैशन न्यूज़, (live fashion news) लेटेस्ट फूड न्यूज़ इन हिंदी, (latest food news) रिलेशनशिप न्यूज़ (relationship news in Hindi) और यात्रा (travel news in Hindi)  आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़ (Hindi News)।  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed