शरीर को बीमारियों से बचाए रखने के लिए हमें नियमित रूप से पौष्टिक आहार की आवश्यकता होती है। इसकी मदद से जरूरी विटामिन्स-प्रोटीन्स और एंटीऑक्सीडेंट्स प्राप्त किए जा सकते हैं। जिन लोगों को आहार के माध्यम से पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं उन्हें डॉक्टर सप्लीमेंट लेने की सलाह देते हैं।
जानना जरूरी: क्या सभी लोग ले सकते हैं फिश ऑयल कैप्सूल? क्या हैं इसके फायदे और नुकसान, जानिए सबकुछ
फिश ऑयल कैप्सूल का सेवन आजकल बहुत लोकप्रिय हो गया है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ बताते हैं, इसमें मुख्य रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो हमारे शरीर के लिए बेहद जरूरी है। क्या सभी लोग इसका सेवन कर सकते हैं? आइए जानते हैं
फिश ऑयल कैप्सूल्स और इसके फायदे
फिश ऑयल कैप्सूल्स कई प्रकार के पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। मुख्यरूप से इसे ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन ए, विटामिन-डी और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर माना जाता है। ओमेगा-3 फैटी एसिड की पूर्ति के लिए ये सप्लीमेंट काफी चर्चा में रहता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर आहार या सप्लीमेंट्स लेना दिल और दिमाग दोनों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। हालांकि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी सप्लीमेंट के सेवन से बचा जाना चाहिए।
दिल को स्वस्थ रखने में सहायक
फिश ऑयल कैप्सूल का नियमित सेवन हृदय रोगों के जोखिम को कम कर सकता है। शोध के अनुसार इसमें मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड, कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशऱ के स्तर को नियंत्रित करने, ट्राइग्लिसराइड्स को कम करने में मददगार है जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञ कहते हैं, सभी लोगों को नियमित रूप से ओमेगा-3 फैटी एसिड वाली चीजें जरूर खानी चाहिए।
ब्रेन हेल्थ ठीक रखने में मददगार
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक मस्तिष्क के विकास में ओमेगा-3 फैटी एसिड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है। इतना ही नहीं डिप्रेशन, एंग्जायटी और अल्जाइमर के लक्षणों को कम करने भी इससे लाभ मिल सकता है।
हालांकि अध्ययनों से पता चलता है कि प्राकृतिक स्रोतों के माध्यम से ओमेगा-3 प्राप्त करना अधिक फायदेमंद होता है।
अध्ययनकर्ताओं ने बताया कि फिश ऑयल कैप्सूल के और भी कई लाभ हो सकते हैं।
- फिश ऑयल त्वचा को हाइड्रेटेड रखता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मुंहासों, झुर्रियों को भी कम करता है।
- फिश ऑयल ड्राई आई सिंड्रोम में भी लाभकारी है। इससे मोतियाबिंद के जोखिमों से भी बचा जा सकता है।
- फिश ऑयल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो ऑस्टियोआर्थराइटिस में मदद करते हैं।
- ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के मेटाबॉलिज्म को तेज करता है जिससे वजन कम किया जा सकता है।
अध्ययनों से पता चलता है कि फिश ऑयल कैप्सूल सेहत के लिए बहुत फायदेमंद हैं, लेकिन डॉक्टर से सलाह लेकर ही इसका सेवन करना चाहिए। यह दिल, दिमाग, त्वचा और हड्डियों के लिए एक संपूर्ण सप्लीमेंट है।
गर्भवती महिलाएं, लो ब्लड प्रेशर, एलर्जी की समस्या या फिर जो लोग ब्लड थिनर दवाएं ले रहे हैं उनके लिए इसके अधिक या अकारण सेवन से नुकसान हो सकता है। यही कारण है कि बिना डॉक्टरी सलाह के किसी भी सप्लीमेंट के सेवन से बचना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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