अधिक मात्रा में चीनी के सेवन को डायबिटीज के प्रमुख जोखिम कारक के तौर पर जाना जाता है। इतना ही नहीं अधिक चीनी या मीठी चीजों का सेवन मोटापा और इससे संबंधित कई तरह की अन्य बीमारियों के खतरे को बढ़ा देता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सिर्फ चीनी ही नहीं नमक का भी अधिक मात्रा में सेवन करना आपकी सेहत को गंभीर क्षति पहुंचा सकता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी: सिर्फ चीनी ही नहीं, अधिक नमक का सेवन भी बेहद हानिकारक, समय से पहले मृत्यु का बढ़ा देता है खतरा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कितनी मात्रा में नमक का सेवन सुरक्षित?
नमक के अधिक सेवन से होने वाले जोखिमों के बारे में जानने से पहले यह जान लेना आवश्यक है कि कितनी मात्रा में नमक के सेवन को सुरक्षित माना जाता है? आहार संबंधी दिशानिर्देशों में विशेषज्ञ बताते हैं कि वयस्कों को प्रतिदिन 2,300 मिलीग्राम से कम की मात्रा में सोडियम का सेवन करना चाहिए। यह लगभग एक बड़े चम्मच के बराबर की मात्रा है। यह मात्रा सिर्फ भोजन में प्रयोग किए जाने वाला ही नहीं, बल्कि खाद्य पदार्थों जैसे चिप्स या जंक-फास्ट फूड्स में भी प्रयोग किए जाने वाले नमक की मात्रा को शामिल करके है।
आइए अधिक नमक से होने वाले दुष्प्रभावों के बारे में जानते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर का कारक
अधिक मात्रा में नमक के सेवन के कारण हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को सबसे सामान्य माना जाता है। ब्लड प्रेशर बढ़ने को हृदय रोगों और हार्ट अटैक के प्रमुख कारक के तौर पर जाना जाता है। अध्ययनों की समीक्षा में विशेषज्ञों ने बताया गया है कि नमक का सेवन अगर कम कर दिया जाए तो इससे हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। विशेषकर भोजन में ऊपर से नमक मिलाने को विशेषज्ञ अधिक हानिकारक मानते हैं।
बढ़ जाता है पेट के कैंसर का जोखिम
कुछ अध्ययन बताते हैं कि अधिक मात्रा में नमक का सेवन पेट के कैंसर के खतरे को भी बढ़ा सकता है। 2.68 लाख से अधिक प्रतिभागियों पर किए गए एक शोध से पता चलता है कि प्रतिदिन एक ग्राम या इससे कम मात्रा में नमक खाने वाले लोगों की तुलना में 3 ग्राम या उससे अधिक नमक का सेवन करने वालों में पेट के कैंसर का खतरा 68 फीसदी अधिक हो सकता है। कैंसर दुनियाभर में मृत्यु के प्रमुख कारकों में से एक माना जाता रहा है।
समय से पहले मृत्यु का खतरा
शोधकर्ताओं का कहना है कि जिस तरह से अधिक नमक का सेवन हाई ब्लड प्रेशर से लेकर हृदय रोग और कैंसर तक के जोखिम को बढ़ा देता है, इस आधार पर इसे समय से पहले मृत्यु को बढ़ाने वाले कारकों में से एक माना जा सकता है। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि नमक का अधिक सेवन रक्तचाप में वृद्धि और रक्त वाहिकाओं-धमनियों के सख्त होने का कारण बनता है। इन परिवर्तनों के परिणामस्वरूप भी हृदय रोग और समय से पहले मृत्यु का जोखिम अधिक हो सकता है।
----------------
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।