भारत, प्राचीन काल से ही अपने गुणकारी औषधियों की समृद्धता को लेकर दुनियाभर में प्रसिद्ध है। इन औषधियों का उपयोग कई तरह की दवाओं के निर्माण के साथ वर्षों से घरेलू उपचार के तौर पर भी किया जाता रहा है। कुछ औषधियों का तो हम रोजाना मसाले के रूप में भी प्रयोग करते रहते है। आयुर्वेद के साथ-साथ अध्ययनों के आधार पर मेडिकल साइंस भी इससे होने वाले स्वास्थ्य लाभ को प्रमाणित कर चुका है।
Health Tips: इस भारतीय मसाले में छिपा है स्वस्थ जीवन की राज, इम्युनिटी बढ़ाने से लेकर कई बीमारियों से देता है सुरक्षा
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संक्रमण से रखता है सुरक्षित
गले में खराश या सर्दी-जुकाम जैसी सामान्य संक्रमण की समस्याओं को ठीक करने के लिए अदरक को वर्षों से प्रयोग में लाया जाता रहा है। अदरक में जिंजरोल नामक यौगिक पाया जाता है जो कई तरह के संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद करता है। अदरक का अर्क तमाम प्रकार के बैक्टीरिया के विकास को रोक सकता है। साल 2008 के एक अध्ययन के अनुसार, यह मसूड़े की सूजन और पीरियोडोंटाइटिस का कारण बनने वाले ओरल बैक्टीरिया के खिलाफ बहुत प्रभावी है। श्वसन संक्रमण में भी अदरक को काफी प्रभावी माना जाता रहा है।
मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद
अदरक के सेवन को डायबिटीज से संबंधित जटिलताओं को कम करने में काफी फायदेमंद पाया गया है। शोध बताते हैं कि अदरक में शक्तिशाली मधुमेहरोधी गुण होते हैं। साल 2015 में टाइप-2 डायबिटीज वाले 41 प्रतिभागियों के अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन 2 ग्राम अदरक पाउडर का सेवन फास्टिंग ग्लूकोज के लेवल को 12% तक कम करने में सहायक है। यह हीमोग्लोबिन A1c (HbA1c) में भी सुधार करता है।
मतली और पाचन की समस्याओं में लाभ
अदरक का सेवन पाचन को ठीक बनाए रखने में आपके लिए काफी फायदेमंद हो सकता है। गर्भावस्था से संबंधित मतली और मॉर्निंग सिकनेस से लेकर सर्जरी से संबंधित मतली और उल्टी को दूर करने में अदरक के सेवन को लाभप्रद माना जाता रहा है। 1,278 गर्भवती महिलाओं पर किए गए अध्ययनों की समीक्षा में पाया गया कि 1.1-1.5 ग्राम अदरक मतली के लक्षणों को काफी कम कर सकता है।
वजन को कंट्रोल रखने में सहायक
मनुष्यों और जानवरों पर किए गए अध्ययनों के अनुसार अदरक वजन घटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। 2019 में किए गए समीक्षा के आधार पर शोधकर्ताओं ने निष्कर्ष निकाला कि अदरक का सेवन अधिक वजन या मोटापे वाले लोगों में कुल वजन और कमर-कूल्हे के अनुपात को कम करने में लाभदायक हो सकता है। मोटापे से ग्रस्त 80 महिलाओं पर किए गए साल 2016 के एक अध्ययन में पाया गया कि अदरक बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और रक्त इंसुलिन के स्तर को कंट्रोल करने में भी मदद कर सकता है। हाई ब्लड इंसुलिन का स्तर मोटापे का कारण बनता है। इसे रोजाना अपने आहार में जरूर शामिल किया जाना चाहिए।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से प्राप्त जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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