Indigestion Home Remedies: आज की आधुनिक जीवनशैली में अनियमित खान-पान और तनावपूर्ण दिनचर्या ने 'अपच' या 'बदहजमी' को एक आम घरेलू समस्या बना दिया है। चिकित्सकीय भाषा में इसे 'डिस्पेप्सिया' कहा जाता है, जो कोई बीमारी नहीं बल्कि पाचन तंत्र में गड़बड़ी का एक लक्षण है। अक्सर हम स्वाद के चक्कर में जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं या फिर बहुत जल्दी-जल्दी भोजन निगलते हैं, जिससे हमारे पेट को भोजन पचाने के लिए आवश्यक एसिड और एंजाइम्स बनाने में कठिनाई होती है।
Indigestion: क्या आप अपच या बदहजमी की समस्या से परेशान हैं? जान लें इससे बचाव के आसान उपाय
Digestive Problems Relief: पेट में समस्या होना एक बेहद आम बात है, जिससे लगभग सभी लोग कभी न कभी जरूर दो-चार होते हैं। मगर ध्यान देने वाली बात यह है अगर इसे हर बार नजरअंदाज कर रहे हैं तो ये गंभीर हो सकता है। इसलिए आइए इस लेख में इससे बचाव के कुछ उपाय जानते हैं।
खाने के तरीके और समय में बदलाव
अपच से बचने का सबसे अच्छा और सरल तरीका है 'अच्छी तरह चबाकर खाना'। जब हम भोजन को मुंह में ही तरल बना देते हैं, तो लार में मौजूद एंजाइम्स पाचन प्रक्रिया को आधा वहीं पूरा कर देते हैं। इसके अलावा, रात का खाना सोने से कम से कम 3 घंटे पहले खाएं। देर रात भारी भोजन करने से लेटने पर पेट का एसिड फूड पाइप में वापस आ सकता है, जिससे 'हार्टबर्न' की समस्या बढ़ जाती है।
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इन खाद्य पदार्थों से बनाएं उचित दूरी
मसालेदार भोजन, अत्यधिक तला-भुना खाना और कैफीन युक्त पेय पदार्थ अपच के सबसे बड़े ट्रिगर माने जाते हैं। ये चीजें पेट की परत में जलन पैदा करती हैं और एसिड के उत्पादन को अनियंत्रित कर देती हैं। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स या कोल्ड ड्रिंक्स पेट में गैस के बुलबुले पैदा करते हैं, जिससे पेट फूलने लगता है। इनकी जगह छाछ, नारियल पानी या अदरक वाली चाय का सेवन करना पाचन के लिए कहीं अधिक फायदेमंद होता है।
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सक्रिय जीवनशैली बहुत जरूरी
पाचन का सीधा संबंध हमारे नर्वस सिस्टम से होता है। अत्यधिक तनाव लेने से शरीर की 'फाइट या फ्लाइट' प्रतिक्रिया सक्रिय हो जाती है, जो पाचन क्रिया को धीमा कर देती है। रोजाना 20-30 मिनट की पैदल सैर या वज्रासन जैसे योगासन भोजन के बाद करने से आंतों की गतिशीलता बढ़ती है। सक्रिय रहने से शरीर में खून संचार बेहतर होता है, जिससे पाचक अंगों को अपना काम करने में आसानी होती है।
अपच की समस्या होने पर तुरंत दवाओं के बजाय घरेलू उपचार जैसे अजवाइन का पानी, काला नमक या हींग का सेवन करें। ये चीजें प्राकृतिक रूप से गैस और भारीपन को कम करती हैं। हालांकि अगर आपको मल में खून आए, वजन अचानक कम होने लगे या निगलने में कठिनाई हो, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। ध्यान रखें अगर आपकी परेशानी लंबे समय तक बना रहे या घरेलू उपायों के बाद भी नहीं आराम हो तो डॉक्टर से परामर्श लें। संतुलित खान-पान ही आपकी सबसे बड़ी औषधि है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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