क्या आप भी बिल्कुल दुबले-पतले, कमजोर दिखने लगे हैं? ऐसा लग रहा है जैसे शरीर की मांसपेशियां तेजी से गायब होती जा रही हैं, अगर हां तो सावधान हो जाइए कहीं ये सार्कोपेनिया तो नहीं है?
Health Alert: घटती जा रही हैं मांसपेशियां, कमजोर हो गया है शरीर? कहीं आपको सार्कोपेनिया तो नहीं
सार्कोपेनिया उम्र के साथ-साथ मांसपेशियों के मात्रा और ताकत में होने वाली कमी की समस्या है। इस स्थिति का मुख्य लक्षण मांसपेशियों में कमज़ोरी है। वैज्ञानिकों का मानना है कि शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहना और अस्वस्थ आहार लेना इस बीमारी को बढ़ाने में योगदान दे सकता है।
सार्कोपेनिया की समस्या को जानिए
क्लीवलैंड क्लीनिक की रिपोर्ट के अनुसार सार्कोपेनिया उम्र के साथ-साथ मांसपेशियों और शरीर की ताकत में होने वाली कमी की समस्या है। इसे एक प्रकार का मसल एट्रोफी (मांसपेशियों का क्षरण) भी कहा जा सकता है, जो मुख्य रूप से उम्र बढ़ने की प्राकृतिक प्रक्रिया के कारण होता है।
वैज्ञानिकों का मानना है कि जो लोग शारीरिक रूप से निष्क्रिय रहते हैं, खान-पान ठीक नहीं रहता ऐसे लोगों में सार्कोपेनिया होने का खतरा अधिक देखा जाता रहा है।
डॉक्टर कहते हैं, आजकल लोगों की शारीरिक गतिविधि कम हो गई है, खान-पान गड़बड़ हो गया है जो कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को बढ़ाती जा रही है। सार्कोपेनिया के बढ़ते खतरे को लेकर भी लोगों को अलर्ट रहना चाहिए।
कैसे की जाती है इसकी पहचान?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, अगर शरीर दुबला दिख रहा है लेकिन ताकत सामान्य है तो यह जरूरी नहीं कि सार्कोपेनिया हो। लेकिन अगर दुबलापन के साथ कमजोरी भी है, तो जांच कराना जरूरी है। इसके अलावा आपको लगातार कुछ अन्य लक्षणों पर भी गंभीरता से नजर बनाए रखने की जरूरत होती है।
- सार्कोपेनिया धीरे-धीरे बढ़ती है, इसलिए शुरुआत में इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं।
- विशेषकर हाथों और पैरों की मांसपेशियां कम होना इसका आम संकेत है।
- भारी सामान उठाने में पहले से ज्यादा कठिनाई होने लगती है।
- कुर्सी से उठते समय सहारे की जरूरत पड़ना, चलने की रफ्तार धीमी हो जाना, बार-बार संतुलन बिगड़ना भी इसका संकेत हो सकता है।
सार्कोपेनिया होने की वजह क्या है?
मेडिकल रिपोर्ट्स से पता चलता है कि उम्र के साथ शरीर में हार्मोन जैसे टेस्टोस्टेरोन और कई अन्य हार्मोन कम हो जाते हैं जिस वजह से शरीर की मांसपेशियां तेजी से कम होती जाती हैं।
- शारीरिक गतिविधि की कमी को भी इसका एक कारण माना जाता है। लंबे समय तक बैठकर काम करना मांसपेशियों को कमजोर बनाता है।
- जिन लोगों में प्रोटीन की कमी होती है उनमें भी मांसपेशियों की क्षति होने का खतरा बढ़ जाता है।
- डायबिटीज, किडनी रोग, कैंसर और क्रोनिक बीमारियां भी मांसपेशियों को प्रभावित करती हैं।
सार्कोपेनिया से बचे रहने के लिए क्या करना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, सार्कोपेनिया उम्र के साथ स्वाभाविक रूप से होने वाली समस्या है, ऐसे में इससे बचना मुश्किल हैं। हालांकि कम उम्र से ही कुछ उपाय किए जाएं तो इसके जोखिमों को थोड़ा टाला जा सकता है।
- नियमित रूप से एक्सरसाइज जैसे रनिंग-वॉकिंग जैसे व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत करते हैं।
- आहार में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना जरूरी है। दालें, अंडे, दूध, पनीर और नट्स जरूर खाएं।
- विटामिन डी और कैल्शियम लेना हड्डियों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने के लिए जरूरी माना जाता है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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