आध्यात्म के अनुसार जन्म और मृत्यु दोनों का समय निश्चित है, किसका जीवनकाल कितना लंबा है यह ईश्वर ने पहले से ही निर्धारित कर दिया है। पर क्या आपके भी मन में बार-बार यह सवाल आता है कि आप कितने समय तक जिंदा रहेंगे? अगर हां तो यकीन मानिए आप अकेले ऐसे नहीं हैं। यह सवाल दिमाग में आना बहुत स्वाभाविक है, पर क्या अब तक इसका कोई जवाब मिला आपको? शायद नहीं। पर ब्रिटिश टेलीविजन के सबसे सफल प्रोड्यूसरों में से एक डॉ माइकल मोस्ले ने एक ऐसे तरीके के बारे में लोगों को बताया है जिससे कम से कम इस बात का तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि अभी आपके पास कितने स्वस्थ हैं और इस आधार पर कितने समय तक जीवित रह सकते हैं?
बड़ा सवाल: कितने समय तक जिंदा रहेंगे आप? इस उपाय से आसानी से लगा सकते हैं अंदाजा
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
माइकल मोस्ले ने जीवन की अवधि को लेकर एक कॉलम में उस तरीके का जिक्र किया है जिसके आधार पर इस बात का अंदाजा लगाया जा सकता है। माइकल मोस्ले बताते हैं, एक आसान से चेयर टेस्ट के माध्यम से यह निर्धारित किया जा सकता है कि आप कितने स्वस्थ हैं और कितने समय तक जीवित रह सकते हैं? माइकल मोस्ले लिखते हैं, वैसे तो यह अजीब लग सकता है लेकिन एक व्यक्ति की एक पैर पर लंबे समय तक खड़े रहने की क्षमता यह अनुमान लगा सकती है कि वह व्यक्ति कितने दिनों तक जीवित रह सकता है?
इस तरीके से कर सकते हैं पता
डॉ माइकल मोस्ले ने अपने कॉलम में उस तरीके का जिक्र किया है जिससे स्वास्थ्य और जीवन की अवधि का काफी हद तक अंदाजा लगाया जा सकता है।
- सबसे पहले एक ऐसी कुर्सी लें जिसमें हत्था न हो। अब इसपर बैठें। अब देखिए कि बिना हाथों को प्रयोग में लाए एक मिनट में आप कितनी बात बैठ और खड़े हो सकते हैं।
साल 1999 के एक अध्ययन में 50 की औसत आयु वाले 2760 पुरुषों और महिलाओं को यह परीक्षण करने को दिया गया। अध्ययनकर्ताओं ने पाया कि जो लोग एक मिनट में 36 से अधिक बार उठ-बैठ सकते थे, वह 23 से कम बार इस काम को कर पाने वालों की तुलना में 13 वर्ष अधिक जीवित रह सकते हैं।
यह तरीका भी दे सकता है अंदाजा
कुर्सी पर बैठने और खड़े होने के अलावा, एक पैर खड़े रहने की अवधि के आधार पर भी जीवन की अवधि का पता लगाया जा सकता है। इसके लिए प्रतिभागियों को आंख बंद करके एक पैर पर तब तक खड़े रहने को कहा गया जब तक कि उनका संतुलन न बिगड़ने लगे। विशेषज्ञों ने पाया किया कि जो लोग 10 सेकंड या उससे अधिक समय तक संतुलन बना सकते थे, उनके अगले 13 वर्षों में मरने की संभावना तीन गुना कम थी।
इन बातों पर भी करें गौर
कॉलम में डॉ मोस्ले लिखते हैं, 40 की आयु में लोगों को 13 सेकंड, 50 की आयु में आठ सेकंड या उससे अधिक वहीं 60 की आयु में चार सेकंड तक एक पैर पर खड़े रहने की क्षमता से सेहत का अंदाजा लगाया जा सकता है। डॉ मोस्ले कहते हैं, यह सिर्फ एक अंदाजा है, जीवन का कोई पैरामीटर नहीं। जरूरी नहीं है कि सभी लोगों पर यह पूरी तरह से फिट बैठे। हां इन परीक्षणों के आधार पर सेहत का अनुमान जरूर लगाया जा सकता है।
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