उम्र बढ़ने के साथ जोड़ों-हड्डियों की समस्या भी बढ़ने लगती है। 50 की आयु तक लोगों में गठिया (आर्थराइटिस) का जोखिम भी बढ़ जाता है। गठिया की समस्या के कारण चलना-उठना और जीवन के सामान्य कार्यों को करना भी मुश्किल हो जाता है। वैसे तो पुरुष-महिला किसी को भी गठिया और जोड़ों की दिक्कत हो सकती है, हालांकि कुछ रिपोर्ट्स बताते हैं कि गर्भावस्था और रजोनिवृत्ति के दौरान हार्मोनल परिवर्तन के कारण महिलाओं में इसका खतरा अधिक हो सकता है।
Arthrits: अक्सर रहता है जोड़ों में दर्द? इन घरेलू उपायों की मदद से पा सकते हैं आराम
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बढ़ रही है जोड़ों की समस्या
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कम उम्र से ही पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम की आदत बनानी जरूरी है। जिन लोगों को गठिया की समस्या है उन्हें डॉक्टर से सलाह जरूर लेनी चाहिए। कुछ घरेलू उपायों की मदद से भी जोड़ों में दर्द, सूजन और गठिया की जटिलताओं को कम करने में मदद मिल सकती है।
आइए उन उपायों के बारे में जानते हैं जो जोड़ो के दर्द से आराम दिलाने में मदद कर सकते हैं।
गर्म और ठंडी सेंकाई
गठिया की समस्या में गर्म और ठंडी सेंकाई से राहत मिल सकती है। गर्म पानी की थैली (हीट पैड) या गर्म तौलिए से जोड़ों की सेकाई करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और ये दर्द को कम करने में मदद करता है। इसी तरह से बर्फ की थैली को जोड़ो पर लगाने से सूजन और दर्द को कम किया जा सकता है। आर्थराइटिस के रोगियों को डॉक्टर की सलाह पर नियमित रूप से इस उपाय को प्रयोग में लाना चाहिए।
आहार में शामिल करें एंटी-इन्फ्लेमेटरी चीजें
एंटी-इन्फ्लेमेटरी चीजें जोड़ों में सूजन को कम करने में मदद करती है, इसके लिए आहार में कुछ बदलाव से मदद मिल सकती है। हल्दी और अदरक में एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं। हल्दी में करक्यूमिन होता है, जो सूजन और दर्द को कम करती है, इसी तरह से अदरक का उपयोग भी सूजन को कम करने के लिए किया जाता रहा है।
रोजाना एक गिलास गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी मिलाकर पीने से गठिया रोगियों को आराम मिल सकता है।
जरूर करें व्यायाम
नियमित रूप से हल्के स्तर के व्यायाम और योग करने की आदत बनाएं। जोड़ो में लचीलापन बढ़ाने और दर्द को कम करने में इससे आराम मिलता है। तैराकी और वॉकिंग जैसी एक्सरसाइज भी मददगार हो सकती है। बहुत अधिक समय तक बैठे रहने से बचें, इससे जोड़ों की गतिशीलता बनी रहती है और दर्द-अकड़न में आराम मिलता है। रोजाना वॉक करने की आदत आर्थराइटिस की समस्या में आपके लिए फायदेमंद हो सकती है।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।