हिंदी दिवस 2022: भारत में कई सारी भाषाएं बोली जाती हैं। राज भाषाओं और लिपियों से देश समृद्ध है लेकिन हिंदी देश के आधे से ज्यादा भाग को जोड़ती है। हिंदी अधिकतर भारतीयों की मातृभाषा है। भले ही हिंदी को राष्ट्रभाषा का दर्जा न मिला हो लेकिन राजभाषा के तौर पर हिंदी की पहचान है। हिंदी की उपयोगिता को बनाए रखने के लिए सरकारी दफ्तरों का कामकाज आधिकारिक तौर पर हिंदी में ही होता है। हालांकि वक्त के साथ देश में अंग्रेजी का चलन बढ़ा है लेकिन हिंदी के उपयोग को बढ़ाने के लिए हिंदी दिवस मनाया जाता है। हिंदी को लेकर जागरूकता केवल भारत में ही नहीं विदेशों तक बढ़ाए जाने की दिशा में काम किया जा रहा है। देश-विदेश में हिंदी के प्रचार प्रसार के उद्देश्य से हिंदी दिवस मनाते हैं। लेकिन कई लोग इस बात को लेकर असमंजस में होते हैं कि हिंदी दिवस कब मनाया जाता है। हिंदी दिवस से जुड़ी दो तारीखें हैं, एक 10 जनवरी और दूसरी 14 सितंबर। चलिए जानते हैं 10 जनवरी और 14 सितंबर के हिंदी दिवस में क्या है अंतर, भारत कब मनाता है हिंदी दिवस।
हिंदी दिवस: 10 जनवरी और 14 सितंबर के हिंदी दिवस में क्या है अंतर? जानें इतिहास और महत्व
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10 जनवरी और 14 अगस्त के हिंदी दिवस में अंतर
दोनों दिनों को लेकर लोगों को असमंजस है। 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है और 14 सितंबर को राष्ट्रीय हिंदी दिवस होता है। दोनों का उद्देश्य हिंदी का प्रचार प्रसार ही है। हालांकि विश्व हिंदी दिवस और राष्ट्रीय हिंदी दिवस की शुरुआत को लेकर अंतर है। राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत इसलिए हुई क्योंकि भारत में हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा मिला था। वहीं विश्व हिंदी दिवस को इसलिए मनाया जाता है ताकि विश्व में भी हिंदी को वही दर्जा मिले।
10 जनवरी हिंदी दिवस का इतिहास
दुनियाभर में हर साल 10 जनवरी को विश्व हिंदी दिवस मनाया जाता है। भारत समेत अन्य देशों में हिंदी के प्रसार प्रचार के उद्देश्य से ये दिन मनाते हैं। पहला विश्व हिंदी दिवस सम्मेलन 10 जनवरी 1975 को महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित हुआ था। इस सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे। बाद में इसी तारीख को विश्व हिंदी दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा की गई।
नॉर्वे के भारतीय दूतावास ने पहली बार विश्व हिंदी दिवस मनाया। दूसरा और तीसरा हिंदी दिवस भारतीय नॉर्वे सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम के तत्वाधान में लेखक सुरेश चन्द्र शुक्ल की अध्यक्षता में आयोजित हुआ था।
14 सितंबर हिंदी दिवस का इतिहास
राष्ट्रीय हिंदी दिवस मनाने की शुरुआत आजादी के बाद हुई। 14 सितंबर 1946 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया। देश के प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की सरकार ने 14 सितंबर को हिंदी दिवस के तौर पर मनाने की घोषणा संसद में की। आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय हिंदी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था।
भारत में कब मनाया जाता है हिंदी दिवस
राष्ट्रीय हिंदी दिवस के तौर पर भारत में 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को हिंदी के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए कई तरह के समारोह और सेमिनार का आयोजन होता है। प्रतियोगी कार्यक्रमों समेत हिंदी से जुड़े लोगों को पुरस्कृत किया जाता है। हिंदी पुरस्कार राष्ट्रभाषा कीर्ति पुरस्कार और राष्ट्रभाषा गौरव पुरस्कार का वितरण होता है।