Rabindranath Tagore Jayanti 2022 Precious Quotes : बहुमुखी प्रतिभा के धनी, प्रसिद्ध कवि, कहानीकार, गीतकार, संगीतकार, चित्रकार और नाटककार रवींद्रनाथ टैगोर की 7 मई को जयंती होती है। रवींद्रनाथ टैगोर को गुरुदेव के नाम से भी पुकारा जाता है। गुरुदेव वह केवल कहने मात्र के लिए नहीं थे, बल्कि उनके विचार, उनका ज्ञान एक गुरु की तरह की लोगों को मार्गदर्शन आज भी कर रहा है। रवींद्रनाथ टैगोर देश की महान विभूतियों में से एक हैं, जिन्होंने दो देशों को राष्ट्रगान दिया। साहित्य में नोबेल पुरस्कार प्राप्त किया। विश्वविद्यालय की स्थापना की और धर्म संसद में दो बार संबोधन दिया। रवींद्रनाथ टैगोर को ब्रिटिश सरकार ने 'सर' की उपाधि तक दी थी। पहले नोबल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म 7 मई, 1861 को कोलकाता में जोरासंको हवेली में हुआ था। 7 साल की उम्र में उन्होंने अपनी पहली कविता लिखी थी और 16 साल की उम्र में टैगोर की पहली लघुकथा प्रकाशित हुई थी। रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के मौके पर जानें गुरुदेव के अनमोल विचार, जो जीवन को आसान बनाने में करेंगे मार्गदर्शन।
Rabindranath Tagore Jayanti 2022: रवींद्रनाथ टैगोर के ये अनमोल वचन, जीवन को बनाएंगे आसान
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रवींद्रनाथ टैगोर
फूल की पंखुड़ियों को तोड़ कर आप उसकी सुंदरता को इकठ्ठा नहीं कर सकते हैं।
रवींद्रनाथ टैगोर
केवल प्रेम ही वास्तविकता है, ये महज एक भावना नहीं है। यह एक परम सत्य है जो सृजन के ह्रदय में वास करता है।
रवींद्रनाथ टैगोर
चंद्रमा अपना प्रकाश संपूर्ण आकाश में फैलाता है परंतु अपना कलंक अपने ही पास रखता है।
रवींद्रनाथ टैगोर