Bachchon Ko School Kab Bheje: हर माता-पिता के मन में यह सवाल जरूर आता है कि उनके बच्चे को स्कूल कब भेजना सही रहेगा। आजकल बढ़ती प्रतिस्पर्धा और जल्दी सीखने के ट्रेंड के कारण कई अभिभावक अपने बच्चों को बहुत कम उम्र में ही स्कूल भेज देते हैं। लेकिन क्या यह सही है? क्या बच्चे का मानसिक और शारीरिक विकास इतनी जल्दी औपचारिक शिक्षा के लिए तैयार होता है?
Right Age For Schooling: बच्चों को किस उम्र में स्कूल भेजें? जानिए सही समय और नियम
School Admission Age India: सरकारी नियमों के अनुसार, बच्चों को औपचारिक शिक्षा कक्षा 1 में 6 वर्ष की उम्र में प्रवेश देना उचित माना गया है। हालांकि, प्री-स्कूल या नर्सरी की शुरुआत 3-4 साल की उम्र से की जा सकती है।
नई शिक्षा नीति (NEP 2020) क्या कहती है?
भारत की नई शिक्षा नीति 2020 के अनुसार, 3-6 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए प्री-स्कूल या आंगनवाड़ी शिक्षा को महत्वपूर्ण माना गया है। कक्षा 1 में प्रवेश के लिए न्यूनतम उम्र 6 वर्ष तय की गई है। यह बच्चों के समग्र विकास के लिए बेहतर माना जाता है।
नर्सरी और प्ले-स्कूल की सही उम्र
आजकल अधिकतर स्कूल 3 साल की उम्र से नर्सरी में एडमिशन देते हैं। बच्चे को 3-4 सल की उम्र में प्ले स्कूल या नर्सरी क्लास में भेज सकते हैं। 4-5 साल की आयु में एलकेजी और 5-6 वर्ष का बच्चा यूकेजी में दाखिला ले सकता है।इस उम्र में बच्चों को खेल-खेल में सीखने का मौका मिलता है।
क्या जल्दी स्कूल भेजना सही है?
बहुत जल्दी स्कूल भेजने से बच्चे पर मानसिक दबाव पड़ सकता है। इससे सीखने में रुचि कम हो सकती है और स्ट्रेस बढ़ सकता है। इसलिए बच्चे की तैयारी को समझना जरूरी है।
बच्चे की तैयारी कैसे पहचानें?
हर बच्चा अलग होता है, इसलिए ये संकेत देखें-
-
क्या बच्चा बोलना और समझना सीख रहा है?
-
क्या वह कुछ समय बिना माता-पिता के रह सकता है?
-
क्या वह बेसिक चीजें सीखने में रुचि दिखाता है?
अगर हां, तो वह स्कूल के लिए तैयार हो सकता है।