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अंधेरे से या फिर लोगों की बातों से किस चीज से लगता है आपको सबसे ज्यादा डर
मिताली जैन
Updated Wed, 04 Jul 2018 08:45 AM IST
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कोई अंधेरे से डरता है, कोई चांदनी से। कोई अपनी बात लोगों के सामने रखने से डरता है। यह डर आपको रोकता है। यह डर सबको रोकता है। लेकिन उपाय क्या है? जिस तरह हम खुश या दुखी होते हैं, ठीक उसी तरह हमें कुछ बातों से डर भी लगता है।
लाइफ एंड रिलेशनशिप कोच सलोनी सिंह कहती हैं कि कुछ हद तक तो यह डर सामान्य ही होता है, लेकिन कभी-कभी आपका यह डर आपको आगे बढ़ने और सफलता के पायदान चढ़ने से रोकता है। ऐसे में यह बेहद जरूरी है कि आप डर का दामन छोड़कर खुद को सफलता की ओर आगे बढ़ाएं। इसके लिए कुछ चीजों के बारे जानना बहुत जरूरी है।
करें सवाल
अपने डर को दूर करने का सबसे पहला कदम है कि आप खुद से कुछ सवाल पूछें। आप खुद से पूछें कि क्या आप जिस बात से डर रही हैं, वह जायज है भी या नहीं। अमूमन लोगों को सिर्फ इतना पता होता है कि उन्हें इस चीज को करने में डर लगता है, लेकिन उसके पीछे के कारणों के बारे में पता नहीं होता। मसलन, उन्हें पता है कि वे लोगों के सामने अपनी बात रखने में डरते हैं या फिर किसी को अंधेरे से डर लगता है, तो किसी को चांदनी से। लेकिन उसके होने के पीछे की असली वजह के बारे में नहीं पता होगा।
अपने डर को दूर करने का सबसे पहला कदम है कि आप खुद से कुछ सवाल पूछें। आप खुद से पूछें कि क्या आप जिस बात से डर रही हैं, वह जायज है भी या नहीं। अमूमन लोगों को सिर्फ इतना पता होता है कि उन्हें इस चीज को करने में डर लगता है, लेकिन उसके पीछे के कारणों के बारे में पता नहीं होता। मसलन, उन्हें पता है कि वे लोगों के सामने अपनी बात रखने में डरते हैं या फिर किसी को अंधेरे से डर लगता है, तो किसी को चांदनी से। लेकिन उसके होने के पीछे की असली वजह के बारे में नहीं पता होगा।
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पहचानें
जिस तरह खुशी या गम के पीछे कारण होता है, ठीक उसी तरह डर का भी एक कारण होता है। आमतौर पर किसी भी व्यक्ति के डर के दो कारण होते हैं। पहला अगर आप किसी चीज में सक्षम नहीं है, तो आप उसे करने में डरती हैं। मसलन, अगर आपकी अंग्रेजी अच्छी नहीं है, तो आप लोगों के बीच बात करने में डरेंगी। वहीं, दूसरा डर काल्पनिक होता है और उसका कोई आधार नहीं होता। मसलन, कुछ लोगों को ऊंचाई, अंधेरे या फिर पानी से डर लगता है। याद रखें कि किसी भी बीमारी का इलाज तभी होता है, जब आपको वास्तविक बीमारी के बारे में पता हो।
जिस तरह खुशी या गम के पीछे कारण होता है, ठीक उसी तरह डर का भी एक कारण होता है। आमतौर पर किसी भी व्यक्ति के डर के दो कारण होते हैं। पहला अगर आप किसी चीज में सक्षम नहीं है, तो आप उसे करने में डरती हैं। मसलन, अगर आपकी अंग्रेजी अच्छी नहीं है, तो आप लोगों के बीच बात करने में डरेंगी। वहीं, दूसरा डर काल्पनिक होता है और उसका कोई आधार नहीं होता। मसलन, कुछ लोगों को ऊंचाई, अंधेरे या फिर पानी से डर लगता है। याद रखें कि किसी भी बीमारी का इलाज तभी होता है, जब आपको वास्तविक बीमारी के बारे में पता हो।
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करें सामना
डर को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उसका सामना करें। जब आपको यह पता चल जाता है कि आपको किस चीज से डर लगता है और उस काम को करने का अंजाम क्या होगा तो आपके लिए उसका सामना करना आसान हो जाएगा। इसके लिए आप कुछ ठोस कदम उठा सकती हैं। इससे आपके अंदर एक आत्मविश्वास पैदा होगा और धीरे-धीरे आपका डर भी खत्म होगा।
अगर आपने पहले किसी बुरे अनुभव का सामना किया भी है, तो हर बार आपके साथ ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। हादसे तो हर किसी के साथ होते हैं, लेकिन हादसों से जिंदगी रुकती नहीं है। इसलिए एक बार जब आप अपने डर का सामना कर लेंगे, तो यकीनन आपके मन का सारा डर खत्म हो जाएगा।
डर को दूर करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप उसका सामना करें। जब आपको यह पता चल जाता है कि आपको किस चीज से डर लगता है और उस काम को करने का अंजाम क्या होगा तो आपके लिए उसका सामना करना आसान हो जाएगा। इसके लिए आप कुछ ठोस कदम उठा सकती हैं। इससे आपके अंदर एक आत्मविश्वास पैदा होगा और धीरे-धीरे आपका डर भी खत्म होगा।
अगर आपने पहले किसी बुरे अनुभव का सामना किया भी है, तो हर बार आपके साथ ऐसा ही हो, यह जरूरी नहीं है। हादसे तो हर किसी के साथ होते हैं, लेकिन हादसों से जिंदगी रुकती नहीं है। इसलिए एक बार जब आप अपने डर का सामना कर लेंगे, तो यकीनन आपके मन का सारा डर खत्म हो जाएगा।