Irregular Periods Ke Liye Yoga: आजकल की व्यस्त जीवनशैली, खराब खानपान और तनाव के कारण महिलाओं में अनियमित पीरियड्स की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह समस्या हार्मोनल असंतुलन, पीसीओएस या लाइफस्टाइल से जुड़ी हो सकती है। अगर आप अनियमित पीरियड्स से परेशान हैं, तो रोजाना कुछ योगासनों का अभ्यास आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकता है।
Irregular Periods Yoga: अनियमित पीरियड से हैं परेशान? रोज करें ये योगासन, जल्दी मिलेगा आराम
Yoga For Women: अनियमित पीरियड्स को नियमित करने के लिए भुजंगासन, बालासन, पवनमुक्तासन और मालासन जैसे योगासन फायदेमंद होते हैं। ये योगासन हार्मोन बैलेंस करने, ब्लड सर्कुलेशन सुधारने और तनाव कम करने में मदद करते हैं, जिससे पीरियड्स नियमित हो सकते हैं।
पीरियड्स को नियमित करने वाले असरदार योगासन
भुजंगासन
यह आसन पेट और पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बढ़ाता है। भुजंगासन पीठ और शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। इससे हार्मोन बैलेंस करने में मदद मिलती है। भुजंगासन के अभ्यास के लिए पेट के बल लेट जाएं। हाथों के सहारे शरीर को ऊपर उठाएं। कुछ सेकंड तक इसी स्थिति में रहें।
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बालासन
यह योगासन शरीर को रिलैक्स करता है और तनाव कम करता है। इसके अभ्यास के लिए घुटनों के बल बैठकर शरीर को आगे की ओर झुकाएं, माथा जमीन से लगाएं और हाथ आगे फैला दें। आंखें बंद कर 2–3 मिनट गहरी सांस लें। यह आसन तनाव कम होता है, रक्त संचार सुधरता है और सिरदर्द धीरे-धीरे हल्का पड़ता है। बालासन से पीरियड्स को नियमित करने में मदद मिलती है।
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पवनमुक्तासन
यह पेट की गैस और ब्लोटिंग को कम करता है। पवनमुक्तासन के अभ्यास से पाचन में सुधार होता है और पीरियड्स रेगुलर करता है। इसे खाली पेट करने से आंतों में जमा मल को आगे बढ़ने में मदद मिलती है, जिससे पुरानी कब्ज की समस्या दूर होती है। यह पेट के निचले हिस्से की मांसपेशियों को टोन करता है और एसिड रिफ्लक्स के लक्षणों को काफी हद तक कम करने में सहायक है।
मालासन
मालासन पेल्विक मसल्स को मजबूत करता है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। मालासन के अभ्यास के लिए मलत्याग करने की अवस्था में बैठ जाएं। फिर नमस्कार की मुद्रा बनातें हुए दोनों हाथों की कोहनियों को घुटनों से लगा दें। इसी अवस्था में रहते हुए सांस अंदर खींचें और बाहर छोड़ें। कुछ देर इसी अवस्था में रहे फिर पुन: वाली स्थिति में आ जाएं।
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