अक्सर खाली सड़क दिखते ही हमारी बाइक या कार की स्पीड़ बढ़ जाती है। कई बार तो यह 100 के ऊपर भी निकल जाती है। हालांकि, यह लापरवाही अक्सर हादसों का सबब बनती है। इस पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने ओवर स्पीडिंग के चलते दुर्घटनाओं की सबसे ज्यादा शिकायतों वाली शहर की सात सड़कों को चुना है।
Over speed: लखनऊ की इन सात सड़कों पर 60 से ऊपर हुई गाड़ी की स्पीड तो दो से चार हजार का कटेगा चालान
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एडीसीपी ट्रैफिक ने बताया कि आईटीएमस की ओर से चालान शुरू हो गया है। एक महीने में हेल्मेट न पहनने के छह हजार से ज्यादा, रेड लाइट जंप करने के 1400 से ज्यादा चालान हो रहे हैं। इनमें से ओवर स्पीडिंग के चालान अभी चिह्नित सात सड़कों पर ही हो रहे हैं। इनकी संख्या रोजाना 397 के करीब है।
दो से चार हजार रुपये का होता है चालान
ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक इन सात सड़कों पर 60 से ज्यादा की स्पीड में गुजरने वाले छोटे वाहन (बाइक व कार) का दो हजार रुपये और बड़े वाहनों (ट्रक, बस व अन्य) का चार हजार रुपये का चालान होता है।
ऐसे होता है चालान
इन सड़कों पर आईटीएमस के माध्यम से कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें स्पीडोमीटर सॉफ्टेवेयर है। इनमें 60 की स्पीड तय कर दी गई है। जैसे ही वाहन इससे अधिक की गति से गुजरता है, वैसे ही कैमरा वाहन को कैद कर लेता है। इसके बाद विभाग में बैठा कर्मचारी वाहन का तुरंत चालान कर देता है।
इन सात सड़कों पर हो रहा चालान
- खुर्रमनगर से समता मूलक चौराहा
- 1090 चौराहे से कालीदास मार्ग
- अवध से दुबग्गा
- बंग्लाबाजार से कैंट
- तेलीबाग से बंग्लाबाजार
- दयाल पैराडाइज से गोमतीनगर विस्तार
- सेक्टर 25 से मुंशीपुलिया