मिस नार्थ इंडिया कार्यक्रम के बारे में स्वरा भास्कर ने कहा कि ‘अमर उजाला’ ने लड़कियों को अपनी खूबसूरती के साथ प्रतिभा निखारने का बेहतर मंच दिया है। ऐसे आयोजनों से रूढ़िवादी मानसिकता टूटती है और लड़कियों को भी सीखने को मिलता है। वहीं, दूसरी लड़कियों में भी अपने अंदर की छिपी प्रतिभा को निकालने की ललक बढ़ती है। उनके परिवार के लोग भी साथ देते हैं। आज जरूरत है कि लड़कियां-महिलाएं खुद के बारे में, अपनी खुशी के बारे में भी सोचें। उन्हें शर्म की बेड़ियां तोड़कर, निडर, बेबाक होकर आगे आना चाहिए। हमारी संस्कृति में लड़कों को ही ज्यादा मौका दिया जाता है और लड़कियों को जिम्मेदारी ही दी जाती है।
शर्म की बेड़ियां तोड़कर आगे आएं लड़कियां, स्वरा भास्कर ने लड़कियों को दिए सक्सेज मंत्र
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छोटे शहर की लड़कियां रखें बड़ा मन: उर्वशी रौतेला (मॉडल व अभिनेत्री)
लड़कियों को खुद को ग्रूम करने के लिए ‘अमर उजाला’ ने जबरदस्त प्लेटफार्म दिया है। मैं खुद छोटे शहर से हूं और मेरा कहना है कि ऐसे शहरों की लड़कियां बड़ा मन रखें और आगे आएं। एक जज के रूप में मैं यूनिक पर्सनैलिटी को ही विजेता चुनूंगी। हालांकि प्रतिभागी जीतें या हारें, उन्हें यहां से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। बस उन्हें यह सीखने का जज्बा आगे भी रखना होगा। ऐसे आयोजनों से लड़कियों को पर्दे के पीछे भी बहुत कुछ सीखने का अवसर मिलता है। लड़कियां मेरी आने वाली फिल्म ‘हेट स्टोरी- 4’ जरूर देखें। इसमें मैं ताशा के रूप में एक सुपर मॉडल के किरदार में हूं। लड़कियां इससे खुद को जोड़ पाएंगी और उन्हें आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।
खुद पर भरोसा रखकर आगे बढ़ें: अनुपमा राग (गायक व म्यूजिक कंपोजर)
इस तरह के प्रोफेशन में आगे बढ़ने के लिए लड़कियों को परिवार का सहयोग मिलना बहुत जरूरी होता है। असली परेशानी परिवार के साथ प्रोफेशन जारी रखने में आती है। ‘अमर उजाला’ जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के इस आयोजन से लड़कियों को अपना कॅरिअर बनाने में बहुत सहयोग मिलेगा। यह उन्हें ग्रूमिंग में काफी सहयोग करेगी। आज की लड़कियों को खुद पर भरोसा रखकर बढ़ना होगा, तभी सफल होंगी। उन्हें काफी जागरूक भी रहना होगा। सेल्फ कांफिडेंट होना बहुत जरूरी है।
आज की लड़कियों में बहुत प्रतिभा है और वे खुद को किसी एक काम में बांधकर नहीं रखना चाहती। इस आयोजन में भी ऐसी कई लड़कियां हैं, जो मेडिकल, फैशन आदि क्षेत्रों की हैं। ‘अमर उजाला’ ने विभिन्न शहरों की लड़कियों को एक बेहतरीन मौका दिया है। मेरा सुझाव है कि लड़कियां किसी भी क्षेत्र में जाएं, पर उन्हें पढ़ना जारी रखना चाहिए। चाहे किताब, मैगजीन या कुछ भी अपनी पसंद का। अब तो इंटरनेट के माध्यम से भी बहुत कुछ पढ़ने-सीखने के लिए उपलब्ध है। ऐसे आयोजनों में शामिल होने से पहले लड़कियां झिझकती हैं, लेकिन अपनी प्रतिभा को बेहतर तरीके से प्रस्तुत करने के लिए उन्हें यह हिचक दूर करनी होगी। ऐसे कार्यक्रम से उनकी सुंदरता व पर्सनैलिटी का विकास होगा।
बहुत कुछ सिखाएगा यह मंच: अस्मां हुसैन (फैशन डिजाइजर)
‘अमर उजाला’ ने जो प्लेटफार्म दिया है, वह एवरेज से बहुत ऊपर का है। ऐसे कार्यक्रमों से उन्हें काफी एक्सपोजर, पर्सनैलिटी डवलपमेंट और कांफिडेंस मजबूत करने का मौका मिलेगा। वे जीतें या न जीतें, लेकिन यहां से बहुत कुछ लेकर जाएंगी। छोटे शहर की लड़कियों को खुद को साबित करने में काफी मेहनत करनी पड़ती है। घरवालों को भी समझाना पड़ता है कि वे किस क्षेत्र में कॅरिअर बना रही हैं। हालांकि इस तरह के मंच मिलने के बाद परिवार वाले भी उनका सहयोग करते हैं। लड़कियों को कड़ी मेहनत के साथ संयम रखने की जरूरत है। सफलता एक रात में ही नहीं मिलती और इसका कोई शार्ट कट भी नहीं होता। जरूरत है हिम्मत रखने के साथ अपनी जानकारी बढ़ाने की। यह इस कॅरियर में बहुत मददगार साबित होगा।