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कमलेश तिवारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा, कर्मचारी सौराष्ट्रजीत सिंह ने बताया चौंकाने वाला सच
Sat, 19 Oct 2019 11:02 AM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 19 Oct 2019 11:02 AM IST
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अर्जुन साहू
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हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है। कुशीनगर निवासी कर्मचारी सौराष्ट्रजीत सिंह ने बताया कि बदमाशों ने कमलेश से मिलने के लिए फोन करके समय मांगा था। सौराष्ट्रजीत सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात करीब 12.30 किसी का फोन आया था। उसने मिलने के लिए कहा लेकिन कमलेश तिवारी ने काफी रात होने की बात कहते हुए मना कर दिया। सुबह उक्त व्यक्ति ने फिर से फोन करके मिलने के लिए समय मांगा तो कमलेश ने उन्हें ऑफिस आने को कहा। पुलिस को कमलेश के मोबाइल फोन से संदिग्धों के मोबाइल नंबर मिल गए हैं। उक्त लोग कौन थे? क्या चाहते थे? पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है।
मैंने तो उन्हें मेहमान समझा...
कमलेश तिवारी की हत्या
- फोटो : amar ujala
सौराष्ट्रजीत सिंह ने बताया कि ‘जिन्हें मेहमान समझकर चाय पिलाई। दही-बड़े खिलाए। क्या पता था वही भइया को मारकर भाग जाएंगे।’ सौराष्ट्रजीत सिंह ने बताया कि वह तीन साल से कमलेश तिवारी से जुड़ा था। पांच दिन पहले ही वह कार्यक्रम के सिलसिले में उनके घर आया था। एक कार्यक्रम 15 को हुआ था जबकि 20 अक्तूबर को एक बैठक होनी थी। उसकी ही तैयारी चल रही थी। इसके बाद 22 अक्तूबर को कमलेश तिवारी को पश्चिम बंगाल में कार्यक्रम करने जाना था। सौराष्ट्रजीत ने बताया कि कमलेश तिवारी ने उसे सोशल मीडिया की जिम्मेदारी सौंपी थी।
कमलेश तिवारी की पत्नी, बेटा, परिजन व मां रोते हुए
- फोटो : अमर उजाला
सुरक्षा में तैनात दीवान मुसाफिर प्रसाद रहा बेखबर
कमलेश की सुरक्षा में तैनात दीवान मुसाफिर प्रसाद को उनकी हत्या के बारे में कोई खबर ही नहीं थी। उसने न ही गोली की आवाज सुनी और न ही किसी को भागते हुए देखा। सिर्फ कमलेश तिवारी के मकान के ऊपरी हिस्से में रहने वाली किरायेदार नीतू सिंह ने गोली की आवाज सुनी। उसने पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दी।
कमलेश की सुरक्षा में तैनात दीवान मुसाफिर प्रसाद को उनकी हत्या के बारे में कोई खबर ही नहीं थी। उसने न ही गोली की आवाज सुनी और न ही किसी को भागते हुए देखा। सिर्फ कमलेश तिवारी के मकान के ऊपरी हिस्से में रहने वाली किरायेदार नीतू सिंह ने गोली की आवाज सुनी। उसने पुलिस अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दी।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अर्जुन साहू
जनसमुदाय की धार्मिक भावना भड़काने पर लगा था रासुका
आपको बता दें कि पैगम्बर मोहम्मद साहेब के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी से धार्मिक भावना भड़काने व पोस्टर चस्पा करने के मामले में गिरफ्तार हुए हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी के खिलाफ 9 दिसंबर 2015 को रासुका तामील हुआ था। जिलाधिकारी रहे राजशेखर की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के सेक्शन तीन (सब सेक्शन-3) के तहत रासुका लगाने की कार्रवाई की गई थी।
आपको बता दें कि पैगम्बर मोहम्मद साहेब के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी से धार्मिक भावना भड़काने व पोस्टर चस्पा करने के मामले में गिरफ्तार हुए हिंदू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष कमलेश तिवारी के खिलाफ 9 दिसंबर 2015 को रासुका तामील हुआ था। जिलाधिकारी रहे राजशेखर की तरफ से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के सेक्शन तीन (सब सेक्शन-3) के तहत रासुका लगाने की कार्रवाई की गई थी।
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kamlesh tiwari murder case
- फोटो : अर्जुन साहू
इसके खिलाफ कमलेश तिवारी की तरफ से पत्नी किरन तिवारी ने जेल में बंद पति की कस्टडी को गैर कानूनी बताते हुए रिहा किए जाने को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ का दरवाजा खटखटाते हुए बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की थी। इसकी सुनवायी के बाद सितंबर 2016 में हाईकोर्ट ने हिन्दू महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष की कस्टडी को गैर कानूनी करार देते हुए रासुका हटा रिहाई का आदेश दिया था। इस दौरान कमलेश करीब 11 महीने जेल में रहे थे।