बाबा के 'शब्दों का जादू' था कि झूमने लगे लोग!
लखनऊ आए संत किरीट भाई जी के शब्दों में कुछ ऐसा जादू रहा होगा कि भक्त झूमने लगे, तस्वीरें...
बाबा के 'शब्दों का जादू' था कि झूमने लगे लोग!
लखनऊ में तुलसी ग्रामोद्योग सेवा केंद्र की ओर से गुरु पूर्णिमा के अवसर पर बुधवार शाम रवींद्रायल में सत्संग का आयोजन किया गया। इस दौरान किरीट भाई के शब्दों के जादू से वहां मौजूद लोग अपने कदम नहीं रोक सके।
बाबा के 'शब्दों का जादू' था कि झूमने लगे लोग!
सत्संग के दौरान किरीट भाई ने कहा,शिष्य कुम्हार की उस मिट्टी की तरह होता है जिसे गुरु अपनी सीखों और शिक्षाओं से आकार देता है।
बाबा के 'शब्दों का जादू' था कि झूमने लगे लोग!
गुरु शिष्यों को न केवल आकार देता है बल्कि ज्ञान के सागर का बोध भी कराता है। उसे जीवन की विपरीत परिस्थियों में भी संघर्ष की ताकत देता है।
बाबा के 'शब्दों का जादू' था कि झूमने लगे लोग!
गुरु पूर्णिमा के अवसर पर गुरु को शिष्यों की सेवा का इंतजार रहता है तो शिष्य गुरु की सेवाकर खुद को धन्य समझता है। सत्संग-प्रवचन आयोजन में किरीट भाई जी ने ये बातें रखीं।