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वर्चुअल दुनिया से बाहर सामान्य होती जिंदगी... , कहीं दोस्तों संग गेट टुगेदर तो कहीं बच्चों का धमाल, तस्वीरें
Wed, 07 Oct 2020 01:46 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
रोली खन्ना/अमर उजाला, लखनऊ
रोली खन्ना/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 07 Oct 2020 01:46 PM IST
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फैमिली री-यूनियन व बच्चों का धमाल
- फोटो : अमर उजाला
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कोरोना संग जिंदगी धीरे-धीरे आगे बढ़ रही है। वर्चुअल दुनिया से बाहर निकलकर लोगों ने फिर से मेल मिलाप और बैठकी का दौर शुरू कर दिया है। कहीं दोस्तों संग छोटे-छोटे गेट टुगेदर, कहीं परिवार के साथ मस्ती, सामान्य होती जिंदगी का अहसास कराने लगी है। किसी ने भागवत के बहाने तो किसी ने सम्मान समारोह के बहाने कोरोना के बाद की जिंदगी शुरू करने की योजना पर काम शुरू कर दिया है। आने वाले हफ्ते में हमें ऐसे ही ढेर सारे आयोजन देखने को मिलेंगे। खास बात है कि बैठकी के दौरान लोग मुलाकात से पहले सैनिटाइजेशन, मास्क व अन्य जरूरी नियमों का पालन करना नहीं भूल रहे। आइए, जानते हैं, क्या और कैसे चल रही है मस्ती, दोस्तों की बैठकी और आपसी मुलाकातों पर एक रिपोर्ट...।
नीलम वैश्य सिंह अपने रिश्तेदार और दोस्तों के साथ
- फोटो : अमर उजाला
एक शाम रिश्तेदारों व दोस्तों के नाम
लंबे लॉकडाउन के बाद अनलॉक में अपनों से मिलने की खुशी चेहरों पर साफ उभर आई। मौका था नीलम वैश्य सिंह की ओर से आयोजित एक शाम रिश्तेदार और दोस्तों के नाम की, जहां सभी इकट्ठे हुए और गीत-संगीत के बीच जमकर मस्ती का दौर चला। नीलम कहती हैं कि इतना वक्त तो कभी हम लोग एक-दूसरे से मिले बिना रहे ही नहीं। खैर, ये वक्त भी बीत जाएगा, यही सोचते हुए लॉकडाउन का वक्त बिताया। हमारी ये शाम रिश्तेदारों व दोस्तों के नाम रही। हम सभी से अपील करते हैं कि घर में मिलें, बाहर भीड़ लगाने से बचें। सैनिटाइजेशन का ध्यान रखें। मिलना-मिलाना जरूरी है, पर पूरी सावधानी के साथ।
लंबे लॉकडाउन के बाद अनलॉक में अपनों से मिलने की खुशी चेहरों पर साफ उभर आई। मौका था नीलम वैश्य सिंह की ओर से आयोजित एक शाम रिश्तेदार और दोस्तों के नाम की, जहां सभी इकट्ठे हुए और गीत-संगीत के बीच जमकर मस्ती का दौर चला। नीलम कहती हैं कि इतना वक्त तो कभी हम लोग एक-दूसरे से मिले बिना रहे ही नहीं। खैर, ये वक्त भी बीत जाएगा, यही सोचते हुए लॉकडाउन का वक्त बिताया। हमारी ये शाम रिश्तेदारों व दोस्तों के नाम रही। हम सभी से अपील करते हैं कि घर में मिलें, बाहर भीड़ लगाने से बचें। सैनिटाइजेशन का ध्यान रखें। मिलना-मिलाना जरूरी है, पर पूरी सावधानी के साथ।
शालिनी और श्वेता अपने परिवार के साथ
- फोटो : अमर उजाला
लंबे इंतजार के बाद मां से हुई मुलाकात
शालिनी और श्वेता ने तय कर लिया कि इस रविवार से बुधवार तक वे सपरिवार मायके में रहेंगी। सुबह होते ही दोनों बहनें अपने बच्चों के साथ मायके में थीं। शालिनी कहती हैं कि इन चार महीनों में हम सब वीडियो काल, रूम मीटिंग, व्हाट्सएप से एक-दूसरे से जुड़े थे। रक्षाबंधन भी ऑनलाइन मनाया। बर्थडे सेलीब्रेशन भी ऑनलाइन और फोटो शेयर करके सबने मनाया। लगता था कि मिलना चाहिए, लेकिन मम्मी-पापा की उम्र और संक्रमण के डर को ध्यान में रखते हुए कोई किसी से नहीं मिला। आज भी जब हम लोग घर पहुंचे तो पहले गेट पर सैनिटाइज किया। बच्चों के लिए जो कुछ भी खरीदा था, उसे पहले घर के बाहर रखा। इलेक्ट्रॉनिक मशीन से सैनिटाइज किया फिर सबको दिया। मुश्किल है यह सब, पर कोरोना को हराने के लिए ध्यान तो रखना होगा।
शालिनी और श्वेता ने तय कर लिया कि इस रविवार से बुधवार तक वे सपरिवार मायके में रहेंगी। सुबह होते ही दोनों बहनें अपने बच्चों के साथ मायके में थीं। शालिनी कहती हैं कि इन चार महीनों में हम सब वीडियो काल, रूम मीटिंग, व्हाट्सएप से एक-दूसरे से जुड़े थे। रक्षाबंधन भी ऑनलाइन मनाया। बर्थडे सेलीब्रेशन भी ऑनलाइन और फोटो शेयर करके सबने मनाया। लगता था कि मिलना चाहिए, लेकिन मम्मी-पापा की उम्र और संक्रमण के डर को ध्यान में रखते हुए कोई किसी से नहीं मिला। आज भी जब हम लोग घर पहुंचे तो पहले गेट पर सैनिटाइज किया। बच्चों के लिए जो कुछ भी खरीदा था, उसे पहले घर के बाहर रखा। इलेक्ट्रॉनिक मशीन से सैनिटाइज किया फिर सबको दिया। मुश्किल है यह सब, पर कोरोना को हराने के लिए ध्यान तो रखना होगा।
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मस्ती करते बच्चे
- फोटो : अमर उजाला
आज तो मस्ती कर लेने दो, नियम हमें याद है
इतने समय से घर में बंद बच्चों के लिए आजादी की खबर खुशियां लेकर आई। राधिका, श्रेया, अग्रिमा, सिद्धार्थ, कार्तिकेय, समथ कहते हैं कि इतने दिन बाद हम सब भाई-बहन मामा के घर पर मिले। हालांकि मम्मी-पापा की यह शर्त थी कि बिना हाथ धोए कुछ खाएंगे नहीं और मास्क और दो गज की दूरी का ध्यान रखेंगे। बच्चे कहते हैं कि लॉकडाउन में हमने ये अच्छी तरह से जान लिया है कि कोविड प्रोटोकॉल ही हमें बीमारी से बचाएगा।
इतने समय से घर में बंद बच्चों के लिए आजादी की खबर खुशियां लेकर आई। राधिका, श्रेया, अग्रिमा, सिद्धार्थ, कार्तिकेय, समथ कहते हैं कि इतने दिन बाद हम सब भाई-बहन मामा के घर पर मिले। हालांकि मम्मी-पापा की यह शर्त थी कि बिना हाथ धोए कुछ खाएंगे नहीं और मास्क और दो गज की दूरी का ध्यान रखेंगे। बच्चे कहते हैं कि लॉकडाउन में हमने ये अच्छी तरह से जान लिया है कि कोविड प्रोटोकॉल ही हमें बीमारी से बचाएगा।
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नीलिमा सिंह के साथ अन्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
बेटी का जन्मदिन, रिटर्न गिफ्ट के तौर पर मास्क
सलेही ग्रुप की नीलिमा सिंह ने अनलॉक में बेटी संस्कृति का जन्मदिन मनाया। ये कोरोना काल खत्म होने के बाद उनका पहला आयोजन था। नीलिमा ने रिटर्न गिफ्ट के तौर पर सभी के लिए विशेष मास्क तैयार किए। नीलिमा कहती हैं कि मास्क व दो गज की दूरी का पालन करके यदि हम लोग सामान्य जिंदगी की ओर लौटते हैं तो क्या हर्ज है। हम बेटी के जन्मदिन की खुशियों के साथ ही सबको ये संदेश देना चाहते हैं कि प्रोटोकॉल का पालन कितना जरूरी है।
सलेही ग्रुप की नीलिमा सिंह ने अनलॉक में बेटी संस्कृति का जन्मदिन मनाया। ये कोरोना काल खत्म होने के बाद उनका पहला आयोजन था। नीलिमा ने रिटर्न गिफ्ट के तौर पर सभी के लिए विशेष मास्क तैयार किए। नीलिमा कहती हैं कि मास्क व दो गज की दूरी का पालन करके यदि हम लोग सामान्य जिंदगी की ओर लौटते हैं तो क्या हर्ज है। हम बेटी के जन्मदिन की खुशियों के साथ ही सबको ये संदेश देना चाहते हैं कि प्रोटोकॉल का पालन कितना जरूरी है।